
पटना के फुलवारीशरीफ में कुत्तों का आतंक; एक ही दिन में 39 लोगों को काटा, इलाके में दहशत
फुलवारीशरीफ में एक ही दिन में आवारा कुत्तों ने 39 लोगों को काट लिया। जिसके बाद से इलाके में दहशत है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से आवारा कुत्तों की नसबंदी का काम सिर्फ कागजों में दिखाया जा रहा है। कुत्तों के झुंड खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं।
पटना के फुलवारीशरीफ के बाल्मी, गोविन्दपुर, नया टोला और अन्य इलाके में शुक्रवार को आवारा कुत्तों के आतंक से हड़कंप मच गया। अलग-अलग स्थानों पर आवारा कुत्तों ने राह चलते 39 लोगों को काट लिया। जिससे इलाके में अफरातफरी की स्थिति बन गई। कुत्तों ने अकेले निकलने वाले बच्चे, बाइक सवार व पैदल जा रहे लोगों को निशाना बनाया। आवारा कुत्तों के काटने से घायल 20 लोग इलाज के लिए पटना एम्स की इमरजेंसी पहुंचे। जबकि 19 पीड़ितों ने फुलवारीशरीफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लिया। सीएचसी पहुंचने वालों में एक बच्चा भी शामिल है।
एम्स के इमरजेंसी में कुत्ते के काटने के 20 से 21 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। इस दौरान एम्स के इमरजेंसी में भी इतना अचनाक कुत्ते के काटने को मरीज पहुंचने पर डॉक्टर सकते में पड़ गए। सभी का एम्स इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने इलाज किया। वहीं,सीएचसी की मैनेजर सिपरा चौहान ने बताया कि 19 पीड़ित कुत्तों के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंचे थे। जिनमें एक बच्चा शामिल था।
पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से आवारा कुत्तों की नसबंदी का काम सिर्फ कागजों में दिखाया जा रहा है। हकीकत यह है कि फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं। हर दिन लोग इनके हमले का शिकार हो रहे हैं, लेकिन नगर परिषद की बोर्ड बैठकों तक ही नसबंदी की बातें सीमित रह जाती हैं। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।





