मोबाइल गुम होने पर सबसे पहले करें यह काम,गोल्डेन टाइम' चूके तो खाली हो सकता है खाता
साइबर अपराधियों ने लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने का एक ऐसा नया और शातिर तरीका निकाला है, जिसने पुलिस की भी नींद उड़ा दी है। अब ठग आपके गुम हुए मोबाइल का इस्तेमाल कर बिना किसी ऐप के भी आपका पूरा बैंक खाता साफ कर सकते हैं।

अगर आपका मोबाइल फोन कहीं खो गया है और आप यह सोचकर निश्चिंत हैं कि उसमें गूगल पे, फोन पे या कोई दूसरा बैंकिंग ऐप डाउनलोड नहीं था, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। साइबर अपराधियों ने लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने का एक ऐसा नया और शातिर तरीका निकाला है, जिसने पुलिस की भी नींद उड़ा दी है। अब ठग आपके गुम हुए मोबाइल का इस्तेमाल कर बिना किसी ऐप के भी आपका पूरा बैंक खाता साफ कर सकते हैं।
मुंगेर के साइबर डीएसपी राकेश कुमार रंजन ने इस नए और खतरनाक ट्रेंड का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने के भीतर पुलिस के सामने ऐसे तीन मामले आए हैं, जिसमें पीड़ितों के मोबाइल फोन पटना, बांका और दिल्ली जैसे अलग-अलग शहरों में गुम हुए थे, लेकिन मुंगेर साइबर थाने में इसकी एफआईआर दर्ज की गई है।
सिम ब्लॉक होने से पहले का गोल्डन टाइम
डीएसपी के मुताबिक, अमूमन मोबाइल खोने के बाद लोग सबसे पहले पुलिस में सनहा (थाना डायरी) दर्ज कराने या सिम कार्ड को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू करते हैं। लेकिन जब तक पीड़ित सिम ब्लॉक कराकर नया सिम लेता है, उस बीच के दो से तीन दिनों का समय साइबर ठगों के लिए ‘गोल्डन टाइम’ बन जाता है। अपराधी फोन हाथ में आते ही उसमें मौजूद डेटा, मैसेज और लिंक्स से बैंक अकाउंट और आधार कार्ड की डिटेल खोज निकालते हैं। इसके बाद वे उसी नंबर पर नया यूपीआई पिन जनरेट कर लेते हैं और फोन पास में होने के कारण ओटीपी भी आसानी से हासिल कर लेते हैं। जब तक पीड़ित नया सिम चालू कराता है, तब तक खाता खाली हो चुका होता है।
साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर लापरवाही बिल्कुल न बरतें। फोन खोते ही सबसे पहला काम अपने संबंधित बैंक के कस्टमर केयर या शाखा से संपर्क कर अपने अकाउंट को फ्रीज, होल्ड या ब्लॉक कराने का करें। इसके बाद ही सिम ब्लॉक कराने या नया मोबाइल और सिम लेने की कानूनी प्रक्रिया (एफआईआर या सनहा) शुरू करें। पुलिस का साफ कहना है कि अगर आपका बैंक खाता सुरक्षित रहेगा।
बिहार में साइबर फ्रॉड गिरोह काफी सक्रिय है। साइबर अपराधी क्राइम के तरीकों पर हमेशा तकनीकि रिसर्च भी करते रहते हैं। थोड़ा सा मौका मिलते ही साइबर फ्रॉड आपका खाता खाली कर सकते हैं। ऐसे में मोबाइल गुम हो जाने पर समय से सावधान रहना और आवश्यक कार्रवाई में तनिक भी देरी नहीं करना चाहिए।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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