Video: जब नदी में उतरे डीएम उठाने लगे कचड़ा, कई डिप्टी कलेक्टर ने थामा झाड़ू; खास वीडियो-फोटो देखें
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमदान केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। लखनदेई नदी की स्वच्छता से पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और शहर की सुंदरता जुड़ी हुई है।
बिहार के सीतामढ़ी से बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायक वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। जिले में आयोजित श्रमदान कार्यक्रम 2026 के अवसर पर लखनदेई नदी की सफाई के लिए जिलाधिकारी रिची पांडेय स्वयं मैदान में उतरे। इस विशेष अभियान में जिले के सभी वरीय पदाधिकारी, नगर निगम कर्मी एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। डीएम के इस काम की काफी चर्चा हो रही है। इससे प्रेरित होकर कई लोग पार्यावरण संरक्षण के लिए श्रमदान करने के लिए आगे आ रहे हैं।
रविवार को सीतामढ़ी के डीएम रिची पांडेय ने स्वयं श्रमदान कर नदी तट की सफाई की और उपस्थित लोगों से जलस्रोतों की स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लखनदेई नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि सीतामढ़ी की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान है। इसकी स्वच्छता हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
डीएम रिची पांडेय ने कहा
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमदान केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। लखनदेई नदी की स्वच्छता से पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और शहर की सुंदरता जुड़ी हुई है। यदि हम सभी मिलकर नियमित रूप से अपने आसपास की सफाई के प्रति सजग रहें, तो सीतामढ़ी को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सकता है।
मिसाल पेश की
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सरकारी स्तर पर सफाई कराना नहीं, बल्कि आमजन की सहभागिता से इसे जनअभियान बनाना है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने नदी किनारे जमा कचरे को हटाया और लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, एसडीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। श्रमदान कार्यक्रम ने प्रशासनिक सक्रियता के साथ सामाजिक सहभागिता की मिसाल पेश की। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे शहर हित में प्रेरणादायक कदम बताया। जन प्रतिनधियों ने बिहार के सभी लोगों से अपने अपने इलाकों में पार्यावरण की सुरक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
सीतामढ़ी डीएम की कुछ खास तस्वीरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। एक बार वे अधिकारियों के दल के साथ फसल उत्पादन का जायजा लेने गेहूं के खेत में गए। सांख्यिकी विभाग की टीम क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया में थी। इस दौरान डीएम साहब मजदूर बन गए। उन्होंने भरी दोपहरी मेंं गेहूं काटना शुरू कर दिया। डीएम ने जब हसिया थामा तो किसानों के साथ कई पदाधिकारी भी भिड़ गए। फसल कटाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। लोगोंने डीएम की काफी सराहना की।
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लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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