
दिलीप जायसवाल ने शाहनवाज से नीतीश तक के MoU की डिटेल मांगी; उद्योग विभाग में हलचल तेज
बिहार की नई सरकार में उद्योग मंत्री बने दिलीप जायसवाल ने रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए काम शुरू कर दिया है। मगंलवार को उन्होने राज्य में निवेश प्रस्तावों पर हुए एमओयू की पूरी जानकारी मांगी है। जिसमें शाहनवाज हुसैन, समीर महासेठ और नीतीश मिश्रा के कार्यकाल के दौरान साइन हुए MoU भी शामिल हैं।
बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही उद्योग को रफ्तार देने का काम भी तेज हो गया है। मंगलवार को उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने राज्य में निवेश प्रस्तावों पर हुए एमओयू की पूरी जानकारी मांगी है। जिसमें एनडीए सरकार से लेकर महागठबंधन की सरकार में साइन हुए एमयूओ तक शामिल हैं। उद्योग निदेशालय की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल ने राज्य में कुल एमओयू का संपूर्ण विवरण तैयार करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने कहा कि किसी भी निवेशक के आवेदन में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है। इसके लिए प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पोर्टल को ऐसी व्यवस्था से सुदृढ़ किया जाए, जिससे सभी विभाग समयबद्ध तरीके से जवाब दें और निवेशक को वास्तविक वन-स्टॉप क्लियरेंस का अनुभव मिले। उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता द्वारा बैठक में सबसे पहले एसआईपीबी और इसकी कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि बिहार की 2016 की औद्योगिक नीति और बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 प्रभावी रूप से जारी हैं। इसके अतिरिक्त राज्य की टेक्सटाइल एवं लेदर नीति, एथनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति तथा लॉजिस्टिक नीति की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई
बिहार में अब तक कितने के निवेश का MoU हुआ है?
आपको बता दें 2020 के चुनाव के बाद NDA सरकार में बीजेपी के शाहनवाज हुसैन उद्योग मंत्री बने थे, जिनके कार्यकाल में उद्योग विभाग द्वारा पेशेवर तरीके से निवेशकों को बिहार में बुलाना शुरू हुआ। शाहनवाज के टर्म में 39000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। उनके बाद 2022 में महागठबंधन सरकार में राजद के समीर महासेठ उद्योग मंत्री बने। उनके कार्यकाल में तेजतर्रार आईएएस अफसर संदीप पौंड्रिक ने बिहार इनवेस्टर कनेक्ट आयोजित किया, जिसमें अदानी ग्रुप समेत अन्य कमानियों ने 50530 करोड़ के MoU पर साइन किए।
नीतीश कुमार के 2024 में NDA में लौटने के बाद बीजेपी ने नीतीश मिश्रा को उद्योग मंत्री बनवाया। नीतीश मिश्रा ने उद्योग विभाग को एक सीईओ की तरह चलाया और उनके कार्यकाल में आयोजित निवेशक सम्मेलन में रिकॉर्ड 1.81 लाख करोड़ के MoU पर साइन हुआ।





