बिहार में धरती फाड़कर निकला शिवलिंग आकार का फूल, जलाभिषेक को उमड़ी भीड़

Jayendra Pandey हिन्दुस्तान, विनयमणि तिवारी, वैशाली
share

Bihar News: वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग के मुरौवतपुर में रातों-रात शिवलिंग के आकार का विशाल फूल खिलने से पूजा के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, जानकार इसे बरसात से पहले निकलने वाला ‘ओल’ का फूल बता रहे हैं।

बिहार में धरती फाड़कर निकला शिवलिंग आकार का फूल, जलाभिषेक को उमड़ी भीड़

Bihar News: बिहार के वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड से आस्था और प्राकृतिक अचरज से जुड़ी एक बेहद हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। इलाके के मुरौवतपुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 में स्थित एक घर के पास रातों-रात जमीन से एक विशालकाय और अद्भुत फूल निकल आया। इस फूल का आकार बिल्कुल भगवान शिव के शिवलिंग जैसा है। जैसे ही ग्रामीणों की नजर इस रहस्यमयी फूल पर पड़ी, यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। आस्था के वशीभूत होकर लोगों की भारी भीड़ वहां जुट गई और इसे दैवीय चमत्कार मानकर पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का दौर शुरू हो गया।

रातों-रात जमीन से निकला अद्भुत फूल

स्थानीय निवासी असर्फी सिंह के घर के पास खिले इस शिवलिंग रूपी फूल को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोगों का भारी तांता लग गया है। ग्रामीण इसे भगवान शिव का साक्षात चमत्कार मान रहे हैं। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने फूल के पास अगरबत्ती जलाई, प्रसाद चढ़ाया और पूरी आस्था के साथ दूध व जल से इसका अभिषेक भी किया। स्थानीय नागरिक गौरी शंकर सिंह ने हैरानी जताते हुए बताया कि एक दिन पहले तक उस जगह पर कुछ भी नहीं था, लेकिन रात भर में अचानक वहां एक विशालकाय शिवलिंग के आकार का यह अद्भुत पुष्प खिल गया, जिसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है।

क्या यह सचमुच दैवीय चमत्कार है या महज एक फूल?

जहां एक तरफ ग्रामीण इस रहस्यमयी फूल को दैवीय शक्ति और भगवान का रूप मानकर पूज रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ जागरूक लोगों और जानकारों ने इसके पीछे के वैज्ञानिक सच को भी उजागर किया है। जानकारों के मुताबिक, यह कोई दैवीय चमत्कार नहीं, बल्कि जिमीकंद यानी 'ओल' का एक अनोखा फूल है। इस तरह के पुष्प बेहद असामान्य होते हैं और इनसे एक विशिष्ट प्रकार की तेज गंध भी आती है।

वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग के मुरौवतपुर में रातों-रात शिवलिंग के आकार का विशाल फूल खिलने से पूजा के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।

बरसात से पहले खिलता है यह विचित्र फूल

जानकारों के अनुसार, इस पौधे की खेती मुख्य रूप से इसके बड़े और स्टार्चयुक्त कंद के लिए की जाती है, जो साउथ एशियाई व्यंजनों में एक बेहद आम और लोकप्रिय सामग्री है। इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके फूल की कली सीधे जमीन को फाड़कर बाहर निकलती है और यह प्रतिवर्ष खिलती है। आमतौर पर यह दुर्लभ नजारा बरसात के मौसम की शुरुआत के आसपास ही देखने को मिलता है। फिलहाल, इस अद्भुत फूल ने विज्ञान और आस्था के बीच एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।

Jayendra Pandey

लेखक के बारे में

Jayendra Pandey
अदम गोंडवी के शहर गोण्डा से ताल्लुक रखने वाले जयेंद्र पाण्डेय मेनस्ट्रीम मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे एक ऊर्जावान युवा पत्रकार हैं। वर्तमान में ’हिन्दुस्तान’ (Hindustan Times Group) के साथ जुड़कर जनसरोकार की खबरों को कवर कर रहे जयेंद्र ने नोएडा के प्रतिष्ठित संस्थान जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और अपने करियर का आगाज ‘जी न्यूज’ की नेशनल टीम में इंटर्नशिप से किया। इसके बाद उन्होंने ’दैनिक भास्कर’ में बतौर ट्रेनी फीचर और स्पेशल स्टोरीज पर काम करते हुए कंटेंट की बारीकियों को समझा। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में अपना लोहा मनवाया, जिसमें नोएडा ट्विन टावर डिमोलिशन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह बनाम पहलवानों के धरने तक कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग और अन्य कई स्पेशल स्टोरीज शामिल हैं। मीडिया के साथ-साथ जयेंद्र का रुझान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी की ओर भी है। वे चुनावी समीकरणों और रणनीतिक प्रबंधन की अच्छी समझ रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।