बिहार के 7 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का ब्योरा गलत, 24 डीपीओ को नोटिस जारी

Feb 09, 2026 07:22 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
share

ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 18 लाख 95 हजार 270 छात्र-छात्राओं के डाटा की जांच कर उन्हें सही करना था। इसमें से 11 लाख 86 हजार 744 छात्र-छात्राओं के डाटा की गलतियों को सुधार लिया गया है। लेकिन, सात लाख विद्यार्थियों के ब्योरे में अब भी त्रुटियां मौजूद हैं।

बिहार के 7 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का ब्योरा गलत, 24 डीपीओ को नोटिस जारी

ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर बिहार के सरकारी स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक के 7 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के ब्योरे में गलतियां हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने 24 जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (योजना एवं लेखा) को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर गलतियों को सुधार कराने का निर्देश दिया है।

ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 18 लाख 95 हजार 270 छात्र-छात्राओं के डाटा की जांच कर उन्हें सही करना था। इसमें से 11 लाख 86 हजार 744 छात्र-छात्राओं के डाटा की गलतियों को सुधार लिया गया है। लेकिन, सात लाख विद्यार्थियों के ब्योरे में अब भी त्रुटियां मौजूद हैं। सुधार की यह मुहिम जून 2025 में शुरू हुई थी और शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के विद्यार्थियों के ब्योरे में जनवरी के अंत तक हर हाल में सुधार करने की हिदायत दी थी।

अगर इन सात लाख विद्यार्थियों के डाटा में त्रुटियां दूर नहीं हुईं तो इन बच्चों पर शिक्षा विभाग की लाभुक योजनाओं से वंचित होने का खतरा पैदा हो गया है। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर विद्यार्थियों का ब्योरा स्कूल प्रबंधन की ओर से डालना जरूरी है। इसे पूर्ण कराने की जिम्मेदारी डीपीओ (योजना एवं लेखा) की है। विद्यार्थियों के ब्योरे में छात्र-छात्रा का नाम, पिता का नाम, पता, आधार नंबर आदि सही-सही दर्ज करना होता है, ताकि विद्यार्थियों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

इन्हें मिला नोटिस

विभाग ने भागलपुर, अररिया, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, खगड़िया, किशनगंज, कटिहार, लखीसराय, मधुबनी, मुंगेर, कैमूर, नालंदा, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, सुपौल, सीवान और वैशाली के डीपीओ से जवाब तलब किया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने इनसे यह भी पूछा है कि पिछले दिनों लाभुक आधारित योजनाओं की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित क्यों थे?

जिला - विद्यार्थी

गया - 45355

सारण - 50482

जमुई - 32141

भोजपुर - 27892

पटना - 37740

गोपालगंज - 33775

सीमामढ़ी - 49063

औरंगाबाद - 28895

मुंगेर - 13410

भागलपुर - 32577

जहानाबाद - 7569

लखीसराय - 8592

सीवान - 25812

कटिहार - 28100

वैशाली - 23034

नालंदा - 20071

मुजफ्फरपुर - 34192

मधुबनी - 33410

अरवल - 3770

दरभंगा - 26633

पूर्वी चंपारण - 33229

अररिया - 12655

सुपौल - 13678

सहरसा - 11360

समस्तीपुर - 15907

किशनगंज - 8678

रोहतास - 8136

शेखुपुरा - 1956

बांका - 6290

पश्चिम चंपारण - 9862

मधेपुरा - 5893

पूर्णिया - 9292

नवादा - 3299

बक्सर - 1450

बेगूसराय - 2276

खगड़िया - 1210

शिवहर - 358

कैमूर - 484

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।