निगरानी ट्रैप के बावजूद नहीं सुधरा, 1.5 किलो सोना और 15 लाख उड़ाने वाला दारोगा बर्खास्त
तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने सुमनजी झा की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। बर्खास्त दारोगा मधुबनी जिले के भेजा थाना इलाके का निवासी है।

वैशाली के लालगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान डेढ़ किलो सोना और 15 लाख रुपये गायब करने के मामले में आरोपित दारोगा सुमनजी झा को घूसखोरी के पुराने मामले में बर्खास्त कर दिया गया है। तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने शनिवार को उसकी बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। बर्खास्त दारोगा मधुबनी जिले के भेजा थाना इलाके का निवासी है। मुजफ्फरपुर में 11 हजार घूस लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद भी सुमनजी झा नहीं सुधरा। एसके मेडिकल कॉलेज मुजफ्फरपुर के ओपी में तैनात रहते फर्दबयान लिखने के लिए वसूली के गभीर आरोप में भी कार्रवाई हुई थी।
सुमनजी झा पर इसी साल जनवरी महीने में एक छापेमारी के दौरान 15 लाख कैश और चोरी के करीब डेढ़ किलो सोना-चांदी गायब कर देने का आरोप लगा था। लालगंज थानेदार आदित्य कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी। आरोप लगा कि एक चोरी के आरोपी के घर छापेमारी करने पुलिस की टीम गई थी। सुमनजी झा उस कार्रवाई दल में शामिल था। टीम ने चोरी के आरोपी के घर से चोरी के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, सोने चांदी के आभूषण, भारी मात्रा में कैश और हथियार बरामद किया था। लेकिन, थाने में दर्ज एफआईआर में करीब डेढ़ किलो सोना चांदी और 15 लाख कैश जब्ती सूची से बाहर कर दिया गया। स्थानीय लोगों की सूचना और कार्रवाई के कुछ फोटो वीडियो से इसका खुलासा हुआ। कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गयी थी।
इससे पहले साल 2024 में मुजफ्फरपुर के सिवाइपट्टी थाना क्षेत्र से निगरानी विभाग की टीम ने दारोगा को 11 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। दो साल से उसके खिलाफ चल रही विभागीय कार्यवाही में डीएसपी पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह ने उसे दोषी पाया। उन्होंने कार्रवाई की अनुशंसा की । डीआईजी ने बताया कि सिवाइपट्टी थाना के टेंगरारी गांव के पवन कुमार से सुमनजी झा ने विवादित भूमि पर धारा 144 के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। पवन ने उसके खिलाफ निगरानी में शिकायत कराई थी। चार सितंबर 2024 को निगरानी टीम ने दारोगा को बनघारा बाजार के पास पवन से घूस लेते गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसे जेल भेजा गया। जमानत मिलने के बाद उसने फिर से ज्वाइन किया। वैशाली के लालगंज थाने में उसकी तैनाती हुई थी।
इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कैश और सोना गायब करने वाले मामले में कई अन्य पुलिसकर्मी भी आरोपित हैं। तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने सुमनजी झा पर यह कार्रवाई की है। कुछ और अधिकारी पर भी गाज गिर सकती है।डीआईजी ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि किसी भी रूप में भ्रष्ट आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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