
पहले बीमारी के हिसाब से डोज, बात नहीं बनी तो बुलडोजर भी चलेगा', डिप्टी CM विजय सिन्हा का अल्टीमेटम
सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने को डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि पहले बीमारी का डोज देंगे, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो फिर डोजर और बुलडोजर भी चलेगा। जमीन कब्जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों को डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने साफ चेतावनी दी है कि पहले बीमारी के हिसाब से 'डोज' देंगे, बात नहीं बनी तो पहले डोजर फिर बुलडोजर चलाया जाएगा। जनता के साथ नियम विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होने कहा कि मैं गरीबों की झोपड़ी उजाड़ने का पक्षधर नहीं हूं, लेकिन सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को छोड़ूंगा भी नहीं। फर्जी आवेदन और कागजात लगाकर जमीन को विवादित करने वालों पर केस दर्ज होगा। साथ ये दावा भी किया कि मार्च तक दाखिल-खारिज, परिमार्जन और नापी व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। सोमवार को विजय सिन्हा भागलपुर पहुंचे। नागरिक अभिनंदन समारोह के दौरान उन्होने ये बात कही।
भागलपुर में आयोजित भूमि सुधार जनसंवाद कार्यक्रम में शिकायतें सुनने के दौरान डिप्टी सीएम के सख्त तेवर दिखे। भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा और मार्च के बाद सीधे कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान भूमि जनसंवाद में जदयू के नेता भी पहुंचे। जिन्होने सरकारी जमीन बेचने में सीओ की मिलीभगत का आरोप लगाया। जलापूर्ति विभाग की जमीन का मामला सामने आते ही विजय सिन्हा भड़के गए उन्होने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।
भूमि सुधार जनसंवाद में शिकायतों के निस्तारण के दौरान उन्होने महिला सीओ को जमकर फटकार लगाई और पुराने जमीन मामलों का तुरंत निपटान करने के निर्देश दिए। सिन्हा ने सीओ से सवाल किया कि जब वे पिछले दो साल से अंचल में तैनात हैं, तो फिर पुराने मामलों का डाटा अब तक क्यों नहीं देखा जा रहा है। उन्होने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दलालों की भरमार हो गई है, जिससे आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। अब इस व्यवस्था को बदलने का समय आ गया है और विभाग से दलालों का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।





