SP के साथ जमीन माफियाओं की लिस्ट बनाएं, बिहार के सभी DM को विजय सिन्हा का फरमान
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है।
बिहार के उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आमलोगों की समस्या की जद में भू माफिया की पैठ को गंभीरता से लिया है। भागलपुर में टाऊन हॉल में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद में डिप्टी सीएम ने प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश दिया कि वे एसपी के सहयोग से अपने जिले के भू माफिया की सूची अविलंब मुख्यालय भिजवाएं। सरकार के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हैं। आम लोगों को इन सेवाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए 12 दिसंबर से पटना से जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई। ऑनलाइन आवेदन करने में आमलोगों को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी सेंटर खोले गए हैं। जहां कंप्यूटर प्रशिक्षित वीएलई तय मामूली शुल्क पर आवेदन के साथ उचित परामर्श भी देंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है। इस अधिकार का सही दिशा में उपयोग कर सही कार्य में बाधा डालने वाले माफिया तत्वों को जेल के अंदर भेजें।
उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस संवाद के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पटना के ज्ञान भवन में राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारियों की भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें उन्हें जनता की परेशानियों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है। पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के बिचौलिये, दलाल या भू-माफिया की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सही व्यक्ति किसी भी स्थिति में पीड़ित नहीं होगा, जबकि नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है। मौके पर विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल भी मौजूद रहे।





