
निगरानी ACP बोल रहा हूं, 15 लाख में... सीडीपीओ से विजिलेंस ट्रैप के नाम पर डिमांड; FIR दर्ज
केसरिया की सीडीपीओ रूपम रानी को शातिर ने फोन कर खुद को निगरानी का एसीपी बताते हुए 15 लाख रुपए की मांग की। फोन करने वाले शख्स ने रुपए नहीं देने पर निगरानी के ट्रैपिंग केस में नाम डाल देने की धमकी भी दी।
बिहार में निगरानी ट्रैपिंग के नाम पर 15 लाख डिमांड करने का मामला उजागर हुआ है। पूर्व चंपारण में एक सीडीपीओ से निगरानी विभाग का एसीपी बताकर फ्रॉड ने 15 लाख की डिमांड कर दी। उनकी लिखित शिकायत पर केसरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
जानकारी के मुताबिक केसरिया की सीडीपीओ रूपम रानी को शातिर ने फोन कर खुद को निगरानी का एसीपी बताते हुए 15 लाख रुपए की मांग की। फोन करने वाले शख्स ने रुपए नहीं देने पर निगरानी के ट्रैपिंग केस में नाम डाल देने की धमकी भी दी। सीडीपीओ ने इस संबंध में शनिवार को केसरिया थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है।
सीडीपीओ ने अपने शिकायती आवेदन में बताया है कि 2 जनवरी को हर्षित कुमार नाम के व्यक्ति ने उनके मोबाइल नंबर पर कॉल किया। उसने खुद को निगरानी का एसीपी बताया। उसने सीडीपीओ से कहा कि 19 दिसम्बर को निगरानी द्वारा की गई ट्रैपिंग की कार्रवाई में हत्थे चढ़ी एलएस ने जांच में आपका नाम लिया है। आपके खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
फ्रॉड ने बताया कि आप चाहें तो आपका व कार्यालय कर्मियों का नाम इस केस से हटाया जा सकता है। 15 लाख रुपया दीजिये नहीं तो आपको और आपके सभी कर्मियों का नाम निगरानी ट्रैपिंग केस में डाल दिया जाएगा। इस संबंध में सीडीपीओ ने जब निगरानी के डीएसपी से बात की तो उन्होंने बताया कि हर्षित नाम का कोई व्यक्ति निगरानी विभाग में नहीं है। यह भी बताया गया कि जिस नंबर से फोन आया है वह भी निगरानी का नहीं है।
इस मामले में केसरिया थानाध्यक्ष अनुज कुमार पांडेय ने बताया कि आवेदन सीडीपीओ की ओर से आवेदन मिला है। आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। निगरानी ब्यूरो से भी संपर्क किया जा रहा है। जिस नंबर से आरोपी ने बात की उसकी भी जांच की जा रही है।

लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
और पढ़ें



