
विमान का किराया 30,000 के पार, तेजस-पूजा स्पेशल में सीट नहीं; छठ-दीपावली में परदेसी कैसे आएंगे बिहार
मुंबई से पटना का 19880 और बेंगलुरु से पटना का 15480 रुपये किराया था। पूजा स्पेशल वंदे भारत, तेजस राजधानी एक्सप्रेस, कुर्ला एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, संघमित्रा एक्सप्रेस में सीट नहीं है।
दीपावली और छठ पर्व में दिल्ली से बिहार आने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। इन यात्रियों को जहां ट्रेनों में सीट नहीं मिल रही। वहीं हवाई जहाज का किराया आसमान छू रहा है। रेलवे और एयरलाइंस की विभिन्न कंपनियों के द्वारा स्पेशल ट्रेन और अतिरिक्त विमान का परिचालन दिल्ली से ही सबसे अधिक हो रहा है। इसके बावजूद दोनों पर आम यात्री सवारी नहीं कर पा रहे हैं।

गोआईबीबो एप्लीकेशन पर बुधवार को देश के विभिन्न राज्यों से गुरुवार को आने के लिए जो किराया दिख रहा है उसमें सबसे अधिक किराया दिल्ली से पटना आने का 31818 रुपये था। मुंबई से पटना का 19880 और बेंगलुरु से पटना का 15480 रुपये किराया था। पूजा स्पेशल वंदे भारत, तेजस राजधानी एक्सप्रेस, कुर्ला एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, संघमित्रा एक्सप्रेस सहित सभी नियमित और स्पेशल ट्रेनों में दोनों पर्व के दौरान आने और पर्व मनाकर वापस जाने के लिए किसी भी श्रेणी में सीट उपलब्ध नहीं है।
पुणे से पटना का हवाई किराया 22 हजार पहुंचा
मंगलवार को गोआईबीबो एप्लीकेशन पर हवाई जहाज से बुधवार को आने के लिए जो किराया दिखा रहा था, उसके अनुसार दिल्ली से पटना का 31818, चेन्नई से पटना का 25440, पुणे से पटना का 22218, मुंबई से पटना का 19880, हैदराबाद से पटना का 18026, बेंगलुरु से पटना का 15480 और कोलकाता से पटना का 10730 रुपये किराया था। वहीं रेलवे की ओर से लगभग 100 से अधिक ट्रेनों का शेड्यूल जारी किया गया है, जो लगभग 4000 से अधिक फेरे लगाएगी।
बिहार आने के लिए निजी वाहन से पहुंच रहे दिल्ली
पटना हवाई अड्डे पर इंडिगो की विमान से उतरे पवन कुमार ने बताया कि पर्व मनाने के लिए घर आए हैं। उन्होंने कहा कि मैं पंजाब में नौकरी करता हूं। पटना आने के लिए वहां से ट्रेन या हवाई जहाज का ज्यादा विकल्प नहीं है। इसी कारण निजी वाहन से दिल्ली पहुंचे। 21000 रुपये में हवाई जहाज का टिकट लिए हैं। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी से सटे राज्यों में रहने वाले बिहार के ज्यादातर लोग दिल्ली पहुंच जाते हैं। इसी कारण दिल्ली में बहुत अधिक भीड़ है। वहीं संपूर्ण क्रांति से उतरी यात्री सुशीला देवी ने बताया कि बहुत पहले ही रिजर्वेशन करा लिए थे। स्टेशन पर चार-पांच दिन चक्कर लगाने पर कन्फर्म टिकट मिला।



