10 साल की बच्ची के रेप-मर्डर में अभियुक्त को फांसी, 1.10 लाख जुर्माना; पटना HC में की थी अपील
फांसी की सजा बरकार रखने के साथ जिला जज सात अरविंद की विशेष कोर्ट ने डालमियानगर थाना क्षेत्र के गंगौली निवासी बलराम सिंह उर्फ बलिराम कुमार सिंह पर 1.10 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया।

Death Punishment: बिहार के सासाराम में दस साल की बच्ची के साथ दुराचार के बाद हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने अभियुक्त की फांसी की सजा बरकरार रखी। जिला जज सात अरविंद की विशेष कोर्ट ने डालमियानगर थाना क्षेत्र के गंगौली निवासी बलराम सिंह उर्फ बलिराम कुमार सिंह पर 1.10 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया। विशेष अदालत का कहना था कि पीड़ित परिवार को पहले ही आठ लाख रुपए प्रतिकर मिल चुका है। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर मामले में फिर से सुनवाई की गई। बच्ची का शव अभियुक्त के घर में बक्से में बंद मिली थी। वह घर बंद करके फरार था। कोर्ट के फैसले को गांव के लोगों ने सही और न्यायोचित बताया।
मामले की प्राथमिकी मृत बच्ची की दादी ने स्थानीय थाने में दर्ज करायी थी। फर्दबयान में उनका कहना था कि 14 नवंबर 2020 की शाम तीन बजे पोती को घर में नहीं पाकर खोजबीन करने लगी। खोजबीन के क्रम में पता चला कि उनकी पोती को अभियुक्त बलराम सिंह लक्ष्मी-गणेश जी का फोटो दिखाकर अपने घर में बुलाया था। इसके बाद वह अभियुक्त के घर गई। देखी कि उसके घर के मेन दरवाजा पर ताला बंद है। इसकी सूचना डालमियानगर थाने को दी गई। आनन फानन में पुलिस गांव पहुंच गई थी।
पुलिस की उपस्थिति में ग्रामीणों के सहयोग से अभियुक्त को खोजकर लाया गया। घर का ताला खोलकर खोजबीन करने पर उसकी पोती का शव अभियुक्त के घर में रखे काठ के बक्से में पाया गया, जो अर्धनग्न अवस्था में थी। गर्दन पर काला धब्बा खून लगा हुआ था। बच्ची के शरीर के अंदरूनी जगह पर खून लगा था।
पुलिस ने दादी के बयान पर केस दर्ज कर अभियुक्त को तत्काल गिरफ्तार कर लिया था। छानबीन में पुलिस ने आरोपों को सत्य करार दिया था। गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया। इस मामले में विशेष अदालत ने अभियुक्त को 30 जुलाई 2021 को फांसी की सजा सुनाई थी।
सासाराम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध अभियुक्त ने पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट के आदेश दिया कि मामले पर दोबारा सुनवाई की जाए। हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में विशेष पॉक्सो कोर्ट में फिर से सुनवाई चली। कोर्ट ने पूर्व की सजा को बरकरार रखा और एक लाख दस हजार का जुर्माना भी लगा दिया।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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