शादी का झांसा और सेक्स, दारोगा ने 3 साल तक युवती का किया यौन शोषण; नौकरी से बर्खास्त

शांति प्रकाश कुजूर जब महिन्दवारा थाने में पदस्थापित थे तो एक महिला को शादी का झांसा देकर तीन साल तक यौन शोषण किया। पीड़िता ने कुजूर पर आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। जांच के बाद विभाग ने अहम आदेश दिया। 

Representative image

बिहार के मुजफ्फरपुर में वर्दी पर ब़ड़ा दाग लग गया है। अब इस मामले में पुलिस महकमे ने सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिसवाले के खिलाफ गंभीर ऐक्शन लिया है। दरअसल मुजफ्फरपुर में शादी का झांसा देकर महिला का तीन साल तक यौन शोषण करने के आरोपी दारोगा शांति प्रकाश कुजूर को मंगलवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वह अभी मुजफ्फरपुर जिला बल में पदस्थापित थे। सीतामढ़ी के महिन्दवारा थाने में पदस्थापना के दौरान घटना को अंजाम दिया था। 2022 से निलंबित दारोगा को तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने बर्खास्त कर दिया। दारोगा पर पुलिसिया ऐक्शन से हड़कंप मचा हुआ है।

डीआईजी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि दारोगा को विभागीय कार्यवाही में नैतिक अधमता एवं भ्रष्ट आचारण का दोषी पाया गया है। डीआईजी ने कहा है कि यौन शोषण की पीड़िता ने पुपरी थाने में तीन दिसंबर 2021 को एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले में दारोगा को जेल भेजने के साथ अनुसंधान के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।

विभागीय आदेश के मुताबिक शांति प्रकाश कुजूर जब महिन्दवारा थाने में पदस्थापित थे तो एक महिला को शादी का झांसा देकर तीन साल तक यौन शोषण किया। पीड़िता ने कुजूर पर आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। महिला के आवेदन के आलोक में पुपरी थाने में दारोगा को नामजद करते हुए धारा 376 के तहत तीन दिसंबर 2021 को केस दर्ज किया गया था। इसके बाद कुजूर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

पुलिस ने उनके खिलाफ आरोप पत्र भी समर्पित किया। कुकृत्य एवं भ्रष्ट आचरण के आरोप में कुजूर को 17 फरवरी 2022 को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई। विभागीय जांच पदाधिकारी सीतामढ़ी के डीएसपी मुख्यालय नजीब अनवर ने कुजूर को दोषी पाया। विभागीय रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस विभाग एक अनुशासित संगठन है। ऐसे निकृष्ट एवं भ्रष्ट आचरण में संलिप्त पदाधिकारी का व्यक्तिगत चरित्र विभाग के अनुकूल नहीं है। जांच प्राधिकार के मंतव्य से सहमत होते हुए डीआईजी ने कुजूर को बर्खास्त करने का आदेश दिया है।

मीनापुर थानाध्यक्ष रामएकबाल लाइन हाजिर

इधर मुजफ्फरपुर जिले में ही अनुसंधान में लापरवाही और गंभीर कांडों में शिथिलता बरतने के आरोप में मीनापुर थानाध्यक्ष रामएकबाल प्रसाद को पद से हटाते हुए लाइन हाजिर किया गया है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर विभागीय प्रोसीडिंग चलाई जाएगी। एसडीपीओ पूर्वी-01 अलय वत्स की रिपोर्ट और डीआईजी के अनुमोदन पर कार्रवाई की गई है। थानाध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगे हैं।

एसडीपीओ की रिपोर्ट में बताया गया है कि अनुसंधान में लापरवाही और दोहरे हत्याकांड में गंभीर शिथिलता बरती गई है। थाने में लंबित गंभीर कांडों में कार्रवाई नहीं कर रहे थे। एफएसएल जांच अनिवार्य होने के बावजूद अधिकतर गंभीर कांडों में एफएसएल टीम को नहीं बुलाते थे। इससे घटनास्थल पर साक्ष्य नष्ट हो जा रहा था।

थाना अभिलेख एवं डेटा प्रबंधन में भी लापरवाही बरतने का आरोप है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया तो इसका भी जवाब नहीं दिया। पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-01 की रिपोर्ट पर रामएकबाल प्रसाद के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने के लिए डीआईजी से अनुमोदन प्राप्त हो गया है। हालांकि, लाइन क्लोज करने के बाद उन्हें एसएसपी कांतेश मिश्रा ने स्पीडी ट्रायल शाखा का प्रभारी बनाया है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और बिहार के अन्य जिलों की ताज़ा खबरें और पटना का मौसम हिंदी में जानने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।