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दरभंगा तंबाकू के नुकसान से समाज को कराएंगे अवगत

हिन्दुस्तान टीम,दरभंगाPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:21 AM


तंबाकू के नुकसान से समाज को कराएंगे अवगत

दरभंगा। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर सोमवार को लनामि विवि के विभिन्न विभागों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पीजी गणित विभाग के शिक्षकों एवं छात्रों की ऑनलाइन बैठक विभागाध्यक्ष प्रो. एनके अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर प्रो. अग्रवाल ने तम्बाकू से होने वाले नुकसान की विशेष जानकारी दी। इस अवसर पर सभी ने शपथ ली कि इसके सेवन से होने वाले नुकसान से समाज को अवगत कराया जाएगा। अपने कैंपस को तम्बाकूमुक्त कैंपस के रूप में घोषित किया गया। विभाग के डिपार्टमेंटल कॉउन्सिल की भी बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कक्षा का भी संपादन ऑनलाइन मोड में कराया जाएगा। विभाग के शिक्षक प्रो. जेएल चौधरी की सेवानिवृत्ति पर उनका विदाई समारोह भी ऑनलाइन मनाया गया। डॉ. चौधरी ने सेवानिवृत्त के बाद शिक्षा दान करने की घोषणा की है, ये विभाग के लिए गौरव की बात है। उधर, पीजी वनस्पति विभाग में भी शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें यूजीसी द्वारा प्रेषित शपथ-पत्र पढ़ा गया। सभी ने शपथ ली। विभागाध्यक्ष प्रो. अभय कुमार ने विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। विभागीय शिक्षक डॉ. राम नरेश झा ने कहा कि बनस्पति विभाग के कोई भी शिक्षक तम्बाकू का उपयोग नहीं करते हैं, ये सौभाग्य की बात है। उन्होंने छात्रों को उससे दूर रहने की सलाह भी दी। डॉ. गजेंद्र प्रसाद ने परिसर को तम्बाकू फ्री करने की घोषणा की। समारोह का संचालन प्रो. केके साहु ने किया। कार्यक्रम गूगल मीट पर हुआ। उधर, विवि हिन्दी विभाग द्वारा शपथ कार्यक्रम का ऑनलाइन आयोजन किया गया, जिसमें सभी शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी, छात्र- छात्राएं सम्मिलित हुए। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेन्द्र साह ने तम्बाकू निषेध की महत्ता पर प्रकाश डाला। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. चन्द्रभानु प्रसाद सिंह ने भी विचार रखे। सभी लोगों ने यूजीसी द्वारा प्रेषित शपथ पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम में प्रो. विजय कुमार, डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद सुमन, डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता, अखिलेश कुमार आदि उपस्थित थे। वहीं, पीजी संगीत एवं नाट्य विभाग में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर शपथ दिलाई गई। छात्र- छात्राओं के साथ सभी शिक्षक उपस्थित हुए। मौके पर विवि के विज्ञान संकाय अध्यक्ष व विभागाध्क्ष प्रो. रतन कुमार चौधरी के गत दिनों हुए निधन से मर्माहत सबने दो मिनट मौन रहकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उधर, मिल्लत कॉलेज में ऑनलाइन ‘वर्ल्ड नो टोबैको डे का विशेष थीम ‘कमिट टू क्विट कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. सरदार अरविंद सिंह ने कहा कि तंबाकू सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है। इसकी चपेट में सबसे ज्यादा युवा आते हैं। धूम्रपान करने वालों को कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक होता है। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सोनी शर्मा ने कहा कि तंबाकू का सेवन करने वालों को प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि वे अपने को धीमी जहर से बचाएंगे। शपथ ग्रहण में मो. आकिब, सूफिया, मोबिना गुलनाज, नाज, रेशमा, हिना परवेज, सुमाइला, सीमा परवीन नूर आदि थे। इधर, एमएलएसएम कॉलेज एनएसएस इकाई की ओर से ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम थीम विशेष ‘निषेध के लिए प्रतिबद्ध को ध्यान में रखते हुए किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा ने कहा कि किसी भी तरह के तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है और सांस की बीमारियों की गंभीरता बढ़ जाती है। शरीर के विभिन्न अंग जैसे- मुंह, गला, आहार नली, आमाशय, लीवर, किडनी व मस्तिष्क आदि के खराब होने का भी खतरा रहता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. कालिदास झा ने भी विचार रखे। कोविड -19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रधानाचार्य ने ऑनलाइन मोड में शामिल प्रतिभागियों एवं स्वयंसेवकों को शपथ दिलायी।

स्वास्थ्य कर्मियों ने तंबाकू का सेवन नहीं करने की ली शपथ:

इस अवसर पर सभी ने शपथ ली कि इसके सेवन से होने वाले नुकसान से समाज को अवगत कराया जाएगा। अपने कैंपस को तम्बाकूमुक्त कैंपस के रूप में घोषित किया गया। विभाग के डिपार्टमेंटल कॉउन्सिल की भी बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कक्षा का भी संपादन ऑनलाइन मोड में कराया जाएगा। विभाग के शिक्षक प्रो. जेएल चौधरी की सेवानिवृत्ति पर उनका विदाई समारोह भी ऑनलाइन मनाया गया। डॉ. चौधरी ने सेवानिवृत्त के बाद शिक्षा दान करने की घोषणा की है, ये विभाग के लिए गौरव की बात है। उधर, पीजी वनस्पति विभाग में भी शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें यूजीसी द्वारा प्रेषित शपथ-पत्र पढ़ा गया। सभी ने शपथ ली। विभागाध्यक्ष प्रो. अभय कुमार ने विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। विभागीय शिक्षक डॉ. राम नरेश झा ने कहा कि बनस्पति विभाग के कोई भी शिक्षक तम्बाकू का उपयोग नहीं करते हैं, ये सौभाग्य की बात है। उन्होंने छात्रों को उससे दूर रहने की सलाह भी दी। डॉ. गजेंद्र प्रसाद ने परिसर को तम्बाकू फ्री करने की घोषणा की। समारोह का संचालन प्रो. केके साहु ने किया। कार्यक्रम गूगल मीट पर हुआ। उधर, विवि हिन्दी विभाग द्वारा शपथ कार्यक्रम का ऑनलाइन आयोजन किया गया, जिसमें सभी शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी, छात्र- छात्राएं सम्मिलित हुए। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेन्द्र साह ने तम्बाकू निषेध की महत्ता पर प्रकाश डाला। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. चन्द्रभानु प्रसाद सिंह ने भी विचार रखे। सभी लोगों ने यूजीसी द्वारा प्रेषित शपथ पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम में प्रो. विजय कुमार, डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद सुमन, डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता, अखिलेश कुमार आदि उपस्थित थे। वहीं, पीजी संगीत एवं नाट्य विभाग में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर शपथ दिलाई गई। छात्र- छात्राओं के साथ सभी शिक्षक उपस्थित हुए। मौके पर विवि के विज्ञान संकाय अध्यक्ष व विभागाध्क्ष प्रो. रतन कुमार चौधरी के गत दिनों हुए निधन से मर्माहत सबने दो मिनट मौन रहकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उधर, मिल्लत कॉलेज में ऑनलाइन ‘वर्ल्ड नो टोबैको डे का विशेष थीम ‘कमिट टू क्विट कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. सरदार अरविंद सिंह ने कहा कि तंबाकू सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है। इसकी चपेट में सबसे ज्यादा युवा आते हैं। धूम्रपान करने वालों को कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक होता है। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सोनी शर्मा ने कहा कि तंबाकू का सेवन करने वालों को प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि वे अपने को धीमी जहर से बचाएंगे। शपथ ग्रहण में मो. आकिब, सूफिया, मोबिना गुलनाज, नाज, रेशमा, हिना परवेज, सुमाइला, सीमा परवीन नूर आदि थे। इधर, एमएलएसएम कॉलेज एनएसएस इकाई की ओर से ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम थीम विशेष ‘निषेध के लिए प्रतिबद्ध को ध्यान में रखते हुए किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा ने कहा कि किसी भी तरह के तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है और सांस की बीमारियों की गंभीरता बढ़ जाती है। शरीर के विभिन्न अंग जैसे- मुंह, गला, आहार नली, आमाशय, लीवर, किडनी व मस्तिष्क आदि के खराब होने का भी खतरा रहता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. कालिदास झा ने भी विचार रखे। कोविड -19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रधानाचार्य ने ऑनलाइन मोड में शामिल प्रतिभागियों एवं स्वयंसेवकों को शपथ दिलायी।

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