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24 अक्तूबर, 2020|2:17|IST

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कमला बलान में उफान से घनश्यामपुर के 10 गांव टापू में तब्दील

कमला बलान में उफान से घनश्यामपुर के 10 गांव टापू में तब्दील

कमला बलान नदी में उफान से घनश्यामपुर के दस गांव टापू में तब्दील हो गये हैं। बाढ़ का पानी गांव में घुसने से लोग दहशत में जी रहे हैं। नदी के दोनों तटबंध के बीच बसे डूब क्षेत्र के गांव की हालत नाजुक बनी हुई है।बैजनाथपुर, बाऊर,नवटोलिया, कनकी मुसहरी, कैथाही आदि गांव की अधिकांश सड़कें बाढ़ के पानी में डूबी हुई हैं। घनश्यामपुर बाऊर प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क पर लगभग पांच फीट पानी बह रहा है। बाढ़ प्रभावित गांव का सड़क संपर्क प्रखंड मुख्यालय से भंग हो गया है। मध्य विद्यालय रसियारी, मध्य विद्यालय बाऊर कन्या समेत सात स्कूलों में बाढ़ का पानी घुसा है। खेत खलिहान डूबने से बाढ़ पीड़ितों के सामने पशुचारा, राशन, पेयजल, शौचालय, ईंधन आदि की समस्या उत्पन्न हो गयी है। नित्य कर्म से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए लोगों का जीवन नाव पर आधारित हो गया है।नदी के जलस्तर में बार बार हो रही वृद्धि ने यहां के किसानों की कमर तोड़ दी है। धान के बिचड़े,छिटुआ धान,मरुआ,अरहर,केला तथा मौसमी सब्जियों की खेती बर्बाद हो गयी है। इससे पूर्व आयी बाढ़ से यहां के किसानों को मूंग,तिल तथा मकई की फसल से हाथ धोना पड़ा था। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के मुताबिक जलस्तर में कमी हो रही है। नदी का जलस्तर जयनगर में लाल निशान से 23 सेंमी तथा झंझारपुर में 10 सेंमी नीचे है। बरसात रुकने से बाढ़ पीड़ितों को थोड़ी राहत मिली है।तटबंध की चौकसी बढ़ा दी गयी है। जलस्तर में कमी से तटबंध पर बना पानी का दबाव कम होने लगा है। सीओ दीनानाथ कुमार ने बताया कि सात नाव का परिचालन किया जा रहा है। बाढ़ से अभी कोई विस्थापित नहीं हुआ है। जबकि विभाग के जेई अश्विनी कुमार ठाकुर ने बताया की निरोधात्मक कार्रवाई जारी है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है।बरसात रुकने से तटबंध की मरमम्त कार्य में आयी तेजी : घनश्यामपुर कमला बलान पश्चिमी तटबंध की मरम्मत्ति कार्य के लिए विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बरसात रुकने के बाद से बांध के क्षतिग्रस्त भागों की मरम्मत के कार्य में तेजी आ गयी है। तटबंध के रिसाव स्थलों के पास की मिट्टी जेसीबी से काटकर ट्रैक्टर से नयी मिट्टी दी जा रही है। तटबंध में जरूरत तथा दबाव के बिंदुओं पर फ्लैंक में बोरा पैकिंग किया जा रहा है।डीएम डा. एसएम त्यागराजन के आदेश पर बोरा में मिट्टी भरकर तटबंध पर जमा किया जा रहा है। बताया जाता है कि तटबंध में गतवर्ष की तीस रिसाव स्थलों को मरम्मत के लिए चिन्हित किया गया था। इनमें से आधे की मरम्मत की जा चुकी है। सीओ दीनानाथ कुमार ने तटबंध के निरीक्षण के बाद बताया कि डीएम सर ने विभाग को रिसाव स्थलों तथा बिलों आदि के बारे में ग्रामीणों से जानकारी लेने को कहा है। बांध के दोनों तरफ खेती करनेवाले किसानों को पाइपिंग तथा बिल,होल आदि की जानकारी पहले मिल जाती है। इस स्थिति में कुछ रिसाव स्थल और बढ़ने की संभावना है।इस संबंध में तटबंध पर तुमौल गांव के पास 67.500 किमी पर मरम्मत्ति का कार्य करवा रहे जेई अश्विनी कुमार ठाकुर ने बताया कि बांध में जिस किसी बिंदु पर मरम्मत की जरुरत है उसे दुरुस्त किया जा रहा है। समय रहते कार्य पूरा कर लिया जायगा।बाढ़ से घिरे कई गांव : गौड़ाबौराम : अंचल क्षेत्र में कमलाबलान नदी की बाढ ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण गौडाबौराम के चतरा, रही, भोरहा आदि गांव बाढ के पानी से पूरी तरह चारों ओर से घिर गई है। नाव के आभाव में लोगों का एक गांव से दूसरे गांव आने जाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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  • Web Title:Upheaval in Kamla Balan transformed 10 villages in Ghanshyampur