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20 सितम्बर, 2020|3:04|IST

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डीएमसीएच में अवैध वसूली का हुआ खुलासा

डीएमसीएच में अवैध वसूली का हुआ खुलासा

डीएमसीएच में विभिन्न विभागों में इलाजरत मरीजों से बेड चार्ज के नाम पर अवैध रूप से राशि वसूलने के गोरखधंधे का सोमवार को पर्दाफाश हो गया। मरीजों से राशि वसूलने पहुंचने संगठित ठग गिरोह के तीन सदस्यों को डीएमसीएच के गायनी विभाग के कर्मियों ने दबोच लिया। इस दौरान वहां मरीजों की भीड़ जुट गई। भीड़ का फायदा उठाकर संगठित गिरोह के दो सदस्य वहां से फरार हो गए। तीसरे को बेंता ओपी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उन लोगों के पास से कई फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। पुलिस के हवाले किए गए युवकों की पहचान बहेड़ी निवासी कुमार वरुण के रूप में की गई है। वहां से फरार होने वाले गिरोह के सदस्य सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के कलिगांव निवासी गोपी कृष्ण झा व राज कैंपस निवसी मनोरंजन प्रसाद बताए जाते हैं।

जानकारी के अनुसार तीनों सुबह करीब नौ बजे गायनी विभाग पहुंचे थे। उन लोगों पर नजर पड़ने पर वहां के सुरक्षा कर्मी ने इसकी सूचना विभाग के सीनियर टेक्नीशियन सुनील कुमार को दी। सुरक्षा कर्मी की मदद से श्री कुमार ने तीनों को दबोच लिया और उन लोगों से पूछताछ शुरू की। उन लोगों ने बताया कि वे सुशीला इंटरप्राइजेज नामक कम्पनी के मुलाजिम हैं। उन्हें डीएमसीएच में इलाजरत मरीजों से बेड चार्ज के नाम पर 30-30 रुपये की वसूली करने का काम दिया गया है। तलाशी लेने पर उन लोगों के पास से कई कार्ड बरामद किए गए। कार्ड पर कम्पनी का कोई पता या रजिस्ट्रेशन नम्बर अंकित नहीं पाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि उन लोगों के पास से ऐसे कार्ड भी बरामद किए गए जिसपर मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ लिखा था। फर्जी कार्ड के जरिए वे काफी दिनों से अवैध वसूली कर रहे थे। बरामद किए गए कार्ड पर लिखा था कि उनका काम डीएमसीएच में मरीजों से बेड चार्ज की वसूली करना है। गायनी विभाग के वरीय टेक्नीशियन सुनील कुमार ने बताया कि डीएमसीएच अधीक्षक को सूचना देने के बाद वरुण कुमार को बेंता ओपी के हवाले कर दिया गया है। वरुण ने बताया कि पूर्व में वह कई बार मरीजों से बेड चार्ज के नाम पर राशि ले चुका है।

वहीं दूसरी ओर वरुण कुमार ने नौकरी करने की बात कहते हुए इसकी पुष्टि के लिए एक मोबाइल नम्बर उपलब्ध कराया। नम्बर पर फोन करने पर कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम महिपाल सिंह बताया। उन्होंने बताया कि वे हरियाणा के जारवेड़ा से बोल रहे हैं। सुशीला इंटरप्राइजेज उनकी फर्म का नाम है। उनका काम लेबर सप्लाई करने का है। उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।

इधर, बेंता ओपी अध्यक्ष अकमल खुर्शीद ने बताया कि गायनी विभाग से फोन आने पर एक युवक को थाना लाया गया है। अभी तक डीएमसीएच प्रशासन की ओर से काई लिखित शिकायत नहीं की गई है। आवेदन प्राप्त होने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीएमसीएच अधीक्षक डॉ़ मणि भूषण शर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी दिए जाने पर उन्होंने पुलिस को सूचना देने का निर्देश दिया था। गायनी विभाग के स्वास्थ्य प्रबंधक को मामले को लेकर थाने में आवेदन देने का निर्देश दिया गया है।

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  • Web Title:Unlawful recovery revealed in DMCH