केवीके में मखाना अनुसंधान संगोष्ठी संपन्न
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत मखाना अनुसंधान एवं विकास संगोष्ठी का समापन हुआ। इसमें किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने उन्नत मखाना उत्पादन, बीज चयन, जल प्रबंधन और कीट नियंत्रण की जानकारी साझा की। किसानों ने समस्याएं उठाईं, जिनके समाधान का विश्वास वैज्ञानिकों ने दिलाया।

कमतौल/जाले, हिटी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आयोजित मखाना अनुसंधान एवं विकास विषयक दो दिवसीय कृषक-वैज्ञानिक-उद्यमी संगोष्ठी का समापन प्रक्षेत्र भ्रमण व संवाद सत्र के साथ हुआ। अध्यक्षता नोडल अधिकारी डॉ. पुष्पा सिंह ने की, जबकि संचालन केंद्राध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, वैज्ञानिक व उद्यमी शामिल हुए। दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र, सुखेत (मधुबनी) के अध्यक्ष डॉ. शिशिर कुमार गंगवार, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, बिरौल के वैज्ञानिक डॉ. शाजिद हुसैन, ढोली के मत्स्य वैज्ञानिक डॉ. जीएन झा, पूसा के अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ. देवाशीष राय, खाद्य प्रसंस्करण वैज्ञानिक डॉ. कुलविन्दर कौर, अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक उपाध्याय तथा प्रसार वैज्ञानिक सौरभ तिवारी ने किसानों को उन्नत मखाना उत्पादन, बीज चयन, रोपण, जल प्रबंधन व कीट-रोग नियंत्रण की तकनीकी जानकारी दी।
प्रक्षेत्र भ्रमण में आधुनिक तकनीकों का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया। संवाद सत्र में किसानों ने लागत, प्रसंस्करण व विपणन से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिस पर वैज्ञानिकों ने समाधान का भरोसा दिया। आयोजकों ने मखाना उत्पादन को लाभकारी व टिकाऊ बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी बताया।
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