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13 सितम्बर, 2020|8:41|IST

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मखाना में मिथिला शब्द का जुड़ना अनिवार्य : सरावगी

मखाना में मिथिला शब्द का जुड़ना अनिवार्य : सरावगी

मिथिला की भौगोलिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक विरासत के साथ मखाना का संबंध रहा है और इसलिए मखाना में मिथिला शब्द का जुड़ना अनिवार्य है। यह दरभंगा व मिथिला के लिए गौरव की बात होगी। जीआई टैगिंग में मिथिला शब्द जोड़ने को लेकर केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद नगर विधायक संजय सरावगी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि मखाना के जीआई टैगिंग में मिथिला शब्द जोड़ने को लेकर बिहार कृषि विवि सबौर ने मखाना जीआई टैगिंग के लिए मखाना फ्रॉम बिहार के नाम का प्रस्ताव भेजा है। इस पर मिथिला में काफी प्रतिक्रिया हो रही है। जिस मखान के साथ यहां की विरासत का इतिहास जुड़ा है, भौगोलिक एवं सामाजिक संस्कृति जुड़ी है, ऐसे में मिथिला के मखाना के साथ मिथिला शब्द का जुड़ना अनिवार्य है। मखाना भौगोलिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से मिथिला की सांस्कृतिक विरासत है और मिथिला नरेश राजा जनक के जमाने से पर्व-त्यौहार से लेकर स्वागत सत्कार में मखाना का उपयोग होता रहा है। इसकी मूल उत्पत्ति का क्षेत्र हजारों वर्षों से मिथिला ही है। वर्तमान में भी देश के 75 प्रतिशत मखाना का उत्पादन मिथिला में ही हो रहा है। महामहिम को लिखे पत्र में श्री सरावगी ने कहा है कि मिथिला की जन भावना, सांस्कृतिक महत्व एवं उत्पत्ति के इतिहास को ध्यान में रखते हुए मिथिला मखाना के नाम से जीआई टैग होना चाहिए। इसे मखाना फ्रॉम मिथिला या मिथिला मखाना के नाम से जीआई टैग करने को लेकर कृषि विवि सबौर के कुलपति को निर्देश देने का अनुरोध महानुभावों से किया है।

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  • Web Title:The addition of the word Mithila to Makhana is mandatory Saraogi