रियाद में सायरन बजते ही सुरक्षित ठिकाने पर छिप जाते हैं लोग
सिंहवाड़ा के बसतवाड़ा निवासी भारतीय प्रवासी, सऊदी अरब में रहकर स्थिति का सामना कर रहे हैं। मिसाइल हमलों की सूचना के बाद लोग छिपते हैं और चिंता व्यक्त करते हैं। दुबई, कतर और अन्य देशों में काम कर रहे प्रवासियों के परिवारों में डर और मायूसी है। प्रशासन और समुदाय सुरक्षा के उपायों को तेज कर रहे हैं।

सिंहवाड़ा। हम लोग सही-सलामत हैं। सायरन बजते ही सभी लोग अपने-अपने स्थान पर छुप जाते हैं। स्थिति सामान्य होते ही आवाजाही चालू हो जाती है। ये बातें रविवार को रियाद में रह रहे सिमरी थाने के बसतवाड़ा निवासी आताउरमान खान ने फोन पर अपनी बेगम इफतजहां से कही। वहां की स्थिति का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि यहां की स्थिति अच्छी नहीं है। कहीं आना-जाना भी कठिन हो गया है। इसी गांव के सऊदी में रह रहे इश्तियाक अहमद ने फोन कर बताया कि स्थिति दोनोंदिन खराब हो रही है। प्रो. रिजवान अहमद खान ने बताया कि बसतवाड़ा गांव के लगभग पांच सौ लोग दुबई, कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अबू धाबी आदि जगहों पर काम करते हैं।
इन क्षेत्रों में अशांति बढ़ती देख इस गांव में मायूसी बढ़ गई है। एयर स्पेस बंद होने के कारण लोग अपने देश अपने घर लौट भी नहीं पा रहे हैं। स्थानीय थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में कतर से फोन कर वहां काम कर रहे बच्चे अपने पिता रियाज अहमद एवं मां शमीमा खातून चिंतित को प्रतिदिन वहां के हाल से अवगत करा रहे हैं। पुत्र अल्ताफ हुसैन ने फोन पर बताया कि आज भी मिसाइल अटैक की जानकारी आई है। इससे यहां अफरातफरी एवं सतर्कता की स्थिति बनी हुई है। लोग अपने को सुरक्षित करने में लग गए हैं। फोन पर कतर से बेटे की बात सुनकर चिंतित मां शमीमा खातून ने बेटे को कहा कि अपना विशेष ख्याल रखो। अल्लाह सब की परवाह करने वाला है। दुबई में रह रहे उनके बड़े पुत्र इजतवा हुसैन का फोन आया है। उसने बताया है कि मिसाइल अटैक के बाद लोग सुरक्षित ठिकाने पर चले गये हैं। स्थिति भयावह बनती जा रही है। यहां के प्रशासन एवं समाज के लोगों ने अपने को सुरक्षित रखने के प्रयास तेज कर दिए हैं। वहां चर्चा चल रही है कि अमेरिका ईरान पर हमला कर रहा है तो ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह करने में लगा हुआ है। मुस्लिम देशों में इन ठिकानों पर हो रहे हमले से अफरातफरी की स्थिति बनती जा रही है। प्रखंड क्षेत्र के अरई, बिरदीपुर, शंकरपुर, भगवतीपुर, भरवाड़ा, महेशपट्टी, गौड़ा मनिहास आदि गांवों के दो हजार के लगभग वैसे परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई है जिनके पुत्र या परिजन दुबई, कतर सहित सऊदी अरब आदि जगहों में रहकर रोजी-रोजगार कर रहे हैं। धर्मगुरु एसएम जिया ने बताया कि परदेस में रह रहे ऐसे परिजनों के कुशलता की दुआ करता हूं। इन देशों में कार्य करने वाले लोग अपने परिजनों को फोन कर यही बात बता रहे हैं कि अभी भयावह स्थिति नहीं बनी है। अपनी सुरक्षा के लिए लोगों ने प्रयास तेज कर दिए हैं। भय के माहौल के कारण कामकाज प्रभावित होने लगा है।
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