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शास्त्रार्थ के जरिये शिक्षकों की हो बहाली : सरावगी

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कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में जारी संस्कृत सप्ताह के तीसरे दिन शनिवार को सीनेट हॉल में शास्त्रार्थ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि नगर विधायक संजय सरावगी ने देव भाषा के विकास व संवर्धन के लिए नायाब तरीका सुझाया। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में संस्कृत विषय के शिक्षक अगर खुद संस्कृत नहीं बोलें तो चिंता होती है। इसलिए बेहतर होगा कि कॉलेजों में अब जो नए संस्कृत शिक्षकों की बहाली हो तो बेहतर होगा कि इसी तरह शास्त्रार्थ कराकर मेधा के आधार पर उनका चयन किया जाय। ऐसा करने से वस्तुत: देववाणी संस्कृत का ही फायदा होगा और तेज गति से उसका संवर्धन भी होगा।

विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके चयन सम्बन्धी सुझाव को नकारात्मक दृष्टि से नहीं बल्कि सकारात्मक पहल के रूप में देखने की जरूरत है। कारण कि संस्कृत है तभी हमारी संस्कृति भी है। संस्कृत जीवन को दर्शन देती है। इसी से नैतिकता को बढ़ावा भी मिलता है। उनकी दिली इच्छा है कि संस्कृत गांव-गांव में फैले। विधायक ने कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति प्रो. सर्व नारायण झा की प्रशंसा करते हुए कहा कि विलुप्त हो चुकी शास्त्रार्थ परम्परा को इन्होंने जीवित कर दिया है। पूर्व में भी मिथिला में यह परम्परा अपने उत्कर्ष पर थी। मंडन मिश्र व शंकराचार्य के बीच का शास्त्रार्थ कौन नहीं जानता। हाल ही में राजभवन में आयोजित शास्त्रार्थ कार्यक्रम की भी विधायक ने प्रशंसा की और इसके लिए पुन: वीसी को साधुवाद दिया। कुलपति प्रो. झा ने पाग-चादर व प्रशस्ति पत्र से उनको सम्मानित किया। पीआरओ निशिकांत ने बताया कि इसके पूर्व व्याकरण विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश शर्मा के संयोजकत्व में जयपुर से आये प्रो. श्रीधर मिश्र व रमौली के डॉ. प्रियव्रत मिश्र के बीच व्याकरण के विभिन्न पहलुओं पर जमकर शास्त्रार्थ हुआ। कई बार खुद संयोजक प्रो. शर्मा को दोनों से तर्क- वितर्क पर विराम लगाने का अनुरोध करना पड़ा लेकिन फिर भी दोनों पक्ष नहीं माने और पूर्व पक्ष एवं उत्तर पक्ष में युक्तिपूर्ण बहस चलती रही। बीच-बीच में स्वयं कुलपति व विधायक कई बार ताली बजाते देखे गए। इसके बाद द्वितीय पाली में डॉ. बिकाउ झा एवं प्रो. दयानाथ झा के बीच शास्त्रार्थ हुआ। पूरे कार्यक्रम तक बैठ खुद कुलपति ने सभी की हौसला अफजाई की।

शास्त्रार्थ देखेंगे व सुनेंगे तीन तीन न्यायाधीश : संस्कृत सप्ताह के चौथे दिन रविवार को भी सीनेट हॉल में शास्त्रार्थ होगा। प्रो. श्रीपति त्रिपाठी के संयोजकत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजेन्द्र मिश्र बतौर अध्यक्ष के रूप में रहेंगे। इसी तरह मुख्य अतिथि के रूप में न्यायाधीश प्रभात कुमार झा एवं अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायाधीश अनिल कुमार उपाध्याय भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर भी अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में रहेंगे। शास्त्रार्थियों में प्रो. सुरेश्वर झा व प्रो. विद्येश्वर झा, डॉ. विजय कुमार मिश्र व प्रियंका तिवारी शामिल हैं।

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  • Web Title:Teachers should be restored through debate Saraogi