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मातृभाषा की जड़ों को करें मजबूत : कुलपति

दरभंगा। बच्चे अपनी मातृभाषा में ज्ञान-विज्ञान की बातें ज्यादा आसानी से समझ पाते हैं।...

मातृभाषा की जड़ों को करें मजबूत : कुलपति
हिन्दुस्तान टीम,दरभंगाThu, 22 Feb 2024 12:45 AM
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दरभंगा। बच्चे अपनी मातृभाषा में ज्ञान-विज्ञान की बातें ज्यादा आसानी से समझ पाते हैं। हमें अंग्रेजी तथा हिन्दी के साथ ही अपनी मातृभाषा की जड़ें भी मजबूत करनी चाहिए। हमलोगों को यह विचार करना चाहिए कि आखिर मातृभाषा दिवस मनाने की क्यों जरूरत पड़ी है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह बातें कही।
विवि के हिन्दी, उर्दू, मैथिली तथा संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जुबली हॉल में आयोजित नयी शिक्षा नीति और मातृभाषा में शिक्षा विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. चौधरी ने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा में ही बातचीत कर इसका विकास करना चाहिए। विषय प्रवर्तन करते हुए हिन्दी के वरीय प्राध्यापक प्रो. चन्द्रभानु प्रसाद सिंह ने कहा कि भारत में अनेक भाषाएं, संस्कृतियां तथा परंपराएं हैं। आज की भारतीय शिक्षा- व्यवस्था का मूल ढांचा 1835 की मैकालीय शिक्षा व्यवस्था ही है। जब मातृभाषा शिक्षा और रोजगार का माध्यम बनेगी, तभी इसका समुचित विकास होगा। उन्होंने बताया कि 2002 में संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी।

कुलसचिव डॉ. अजय कुमार पंडित ने कहा कि नयी शिक्षा नीति-2020 में अपनी मातृभाषा में शिक्षा देने के महत्व को स्वीकार किया गया है। मातृभाषा के विकास से ही भारत का सर्वांगीण विकास संभव होगा। मानविकी संकायाध्यक्ष सह कार्यक्रम संयोजक प्रो. एके बच्चन ने कहा कि सभी बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा का माध्यम उनकी मातृभाषा ही होनी चाहिए। इससे उन्हें ज्ञान ग्रहण करने में न केवल सुविधा होगी, बल्कि ज्यादा से ज्यादा व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त हो सकेगा।

इस अवसर पर वित्तीय परामर्शी डॉ. दिलीप कुमार, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, उप कुलसचिव प्रथम डॉ. कामेश्वर पासवान, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुरेश पासवान, काव्य- पाठ के प्रभारी प्रो. उमेश कुमार, क्विज प्रतियोगिता- प्रभारी डॉ. आरएन चौरसिया, डॉ. ज्वाला चन्द्र चौधरी, सहित विवि के कई पदाधिकारी, शोधार्थी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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