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दरभंगादेश-विदेश के छह हजार लोग सीख रहे मिथिलाक्षर

हिन्दुस्तान टीम,दरभंगाPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 10:20 PM
देश-विदेश के छह हजार लोग सीख रहे मिथिलाक्षर

दरभंगा | एक प्रनिनिधि

लॉकडाउन के दौरान मैथिलों में मिथिलाक्षर सीखने की ललक बढ़ी है। वर्तमान में देश-विदेश के करीब छह हजार लोग मिथिलाक्षर का ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहे हैं। विदेशों में रहने वाले प्रवासी मैथिलों के लिए लॉक पीरियड में कई विशेष समूह संचालित हो रहे हैं। इसमें सभी उम्र वर्ग के हजारों लोग मिथिलाक्षर में प्रवीण हो चुके हैं। यह जानकारी देते हुए मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के दरभंगा के वरिष्ठ संरक्षक प्रवीण कुमार झा ने बताया कि मधुबनी जिले के सौराठ निवासी पं. अजय नाथ झा शास्त्री ने मिथिलाक्षर को संरक्षित व संवर्धित करने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान की शुरुआत की थी। हम लोग उसी अभियान को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के संस्थापक एवं नासिक से प्रकाशित ‘मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश पत्रिका के संपादक पं. अजय नाथ झा शास्त्री के नेतृत्व में सोशल मीडिया पर सजने वाली मिथिलाक्षर की पाठशाला के समुचित क्रियान्वयन की बागडोर अभियान के संरक्षक समूह के विभिन्न लोगों ने बखूबी थाम रखी है। उनसे मिली जानकारी के अनुसार इंग्लैंड में रमेश कुमार झा ने तथा अरब में शाहनवाज हुसैन ने अभियान की बागडोर थाम रखी है। वहीं, यूनाइटेड स्टेट में स्वाति मिश्रा, साउथ कोरिया में अरुण कुमार मेहता, ऑस्ट्रेलिया में खुशी शिशुरेंद्र झा आदि संरक्षक के रूप में अभियान की कमान संभाले हुए हैं। इसी प्रकार दिल्ली में अभियान की कमान वरिष्ठ संरक्षक राघव मिश्र, पंकज कुमार कर्ण, शंभूनाथ झा, अशोक कुमार झा, गोपाल कुमार झा आदि थामे हैं, जबकि मुंबई में अभियान के संचालन की बागडोर धर्मेंद्र कुमार झा, अनिल मिश्र व जगत रंजन झा, कटक में उग्रेश कुमार झा, जमशेदपुर में रूनू मिश्र, उमा झा व विक्रम आदित्य सिंह, रांची में दीपक आनंद मलिक और बिहार में कृष्ण कांत झा, उग्रनाथ झा, आशीष कुमार मिश्र, विवेकचन्द्र मिश्र आदि धरोहर लिपि सिखाने में लगे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से अब तक करीब चार लाख लोग अपनी मातृलिपि सीख चुके हैं। उन्हें आठ जगहों मधुबनी, मुम्बई, दिल्ली, दरभंगा, जमशेदपुर, सहरसा, पटना आदि जगहों पर सम्मान समारोह आयोजित कर प्रमाणपत्र प्रदान किया जा चुका है। अभियान का नौवां समारोह जानकी नवमी के दिन बीते 20 मई को मां जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में प्रस्तावित था जिसे लॉकडाउन की वजह से तत्काल स्थगित कर दिया गया है।

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