दियारा क्षेत्रों में फसल को सर्वाधिक क्षति
गौड़ाबौराम और आसपास के क्षेत्रों में आंधी और वर्षा से मक्के की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कमला बलान और कोसी नदी के दियारा क्षेत्रों में हजारों एकड़ में मक्के की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि उधारी पर लगाई गई फसल को नुकसान पहुंचा है और अब दूसरी फसल की उम्मीद नहीं है।

गौड़ाबौराम। गौड़ाबौराम व इसके आसपास के क्षेत्रों में आंधी व वर्षा से मक्के की फसल को व्यापक नुक्सान पहुंचा है। सर्वाधिक क्षति कमला बलान व कोसी नदी के दियारा क्षेत्र स्थित मैदानी इलाकों में लगायी गयी मक्के की फसलों को हुई है। हजारों एकड़ भूमि में लगी मक्के की फसल की क्षति हुई है। भंडरिया गांव के कृषक रंजीत यादव व शिवजी यादव ने बताया कि धान की फसल मोंथा तूफान की चपेट में गई और जब उनके जैसे किसानों ने उधार-कर्जा लेकर मक्के की फसल लगाई तो बीती रात आई आंधी व वर्षा ने नुकसान कर दिया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात आयी आंधी व वर्षा ने गेहूं और मूंग की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है।
पुनाछ गांव निवासी सीमांत किसान सुरेश मुखिया ने बताया कि बाढ व जलजमाव के कारण खेत विलंब से तैयार हुआ। उसमें मेहनत से मक्के की फसल लगाई। लहलहाती फसलों को देख लगता था कि सालभर का खर्चा निकल जायेगा, लेकिन बीती रात उत्तर-पश्चिम दिशा से आयी आंधी ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। उन्होंने बताया कि दूसरी फसल की अब कोई आशा नहीं है। अप्रैल गुजरते ही मई में कमला बलान व कोसी में पहाड़ी पीला पानी उपलाने लगता है।
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