DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  दरभंगा  ›  संस्कृत भाषा लोगों को सिखाती हैसंस्कारित जीवन जीने की कला
दरभंगा

संस्कृत भाषा लोगों को सिखाती हैसंस्कारित जीवन जीने की कला

हिन्दुस्तान टीम,दरभंगाPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 07:31 PM

संस्कृत भाषा लोगों को सिखाती हैसंस्कारित जीवन जीने की कला

दरभंगा। सामाजीकरण में शिक्षा की महती भूमिका होती है। नैतिक मूल्य आधारित शिक्षा से ही एक सभ्य समाज का निर्माण किया जा सकता है। समाज में बढ़ती कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए सदाचार का बोध होना आवश्यक है जिसमें संस्कृत भाषा की महती भूमिका होती है। संस्कृत भाषा लोगों को संस्कारित जीवन जीने की कला सिखाती है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए संस्कृत भारती बिहार न्यास के तत्वावधान में छह से 16 जून तक संस्कृत सम्भाषण शिविर का आयोजन किया गया है। कोरोना महामारी से राज्य में उत्पन्न समस्याओं तथा शिक्षण संस्थान बन्द होने से सभी लोग घर में कैद हैं। इस आपदा को अवसर में बदलने के उद्देश्य से घर बैठे संस्कृत सीखें अभियान के तहत संस्कृत भारती के कार्यकर्ताओं द्वारा संस्कृत बोलना सिखलाया जा रहा है। ये बातें संस्कृत भारती बिहार प्रान्त के प्रान्त प्रचार प्रमुख डॉ. रामसेवक झा ने सोमवार को कही। उन्होंने कहा कि 10 दिवसीय नि:शुल्क ऑनलाइन संस्कृत सम्भाषण शिविर में बिहार के लोगों ने काफी बढ़-चढ़कर अपना पंजीयन करवाया। कुल 1296 पंजीकृत लोग इस शिविर में सुविधानुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सम्भाषण वर्ग का 16 जून को समापन किया जाएगा। संध्या चार से पांच बजे तक कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित होगा। मुख्य अतिथि के रूप में बिहार की उप मुख्यमन्त्री रेणु देवी तथा मुख्य वक्ता के रूप में संस्कृत भारती के अखिल भारतीय संघटन मंत्री दिनेश कामत सम्बोधित करेंगे। सम्पूर्ण कार्यक्रम को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉम से प्रसारित किया जाएगा। इसे आम लोग आसानी से देख सकते हैं। कार्यक्रम में संस्कृत गीत एवं अन्य प्रस्तुतियां प्रशिक्षुओं द्वारा किया जाएगा। इसकी तैयारियां संस्कृत भारती के प्रान्तगण सदस्यों के नेतृत्व में की जा रही हैं।

संबंधित खबरें