महायज्ञ में उमड़ने लगी है श्रद्धालुओं की भीड़
शशि प्रकाश, बहेड़ी। लोरिक धाम वनडिहुली में आयोजित रुद्र महायज्ञ के छठे दिन, यज्ञाचार्य महंत कौशल किशोर दासजी के नेतृत्व में हवन कार्य संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा की। शिव कथा वाचक महंत रामेश्वर दासजी ने भगवान कार्तिकेय के जन्म और तारकासुर वध की कथा सुनाई।

शशि प्रकाश,बहेड़ी। प्रखंड क्षेत्र के लोरिक धाम वनडिहुली में आयोजित रुद्र महायज्ञ के छठे दिन गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हवन कार्य संपन्न कराया गया। यज्ञाचार्य महंत कौशल किशोर दासजी महाराज के नेतृत्व में मुख्य यजमान सहित विभिन्न कुंडों पर बैठे श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। महायज्ञ परिसर में स्थापित ब्रह्मा-सरस्वती, विष्णु-लक्ष्मी, शिव-पार्वती, राम-सीता, कृष्ण-राधा, गणेश-सिद्धि, कार्तिकेय-देवसेना, इन्द्र-शची, सूर्य-संज्ञा, चंद्र-रोहिणी, हनुमान, दुर्गा, काली, अन्नपूर्णा, जगदंबा, गंगा, यमुना, तुलसी, शीतला माता, मनसा देवी, यम, कुबेर, वरुण, वायु, अग्नि, धन्वंतरि, विश्वकर्मा, नंदी, गरुड़, शेषनाग, परशुराम, नरसिंह, वामन, बुद्ध, बलराम, संतोषी माता एवं राजा हरिश्चंद्र सहित दर्जनों देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
शिव कथा वाचक महंत रामेश्वर दासजी महाराज ने प्रवचन में भगवान कार्तिकेय के जन्म एवं तारकासुर वध की कथा सुनाते हुए कहा कि देवताओं को अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय का अवतार हुआ था।
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