Residents of Ward 8 Struggle with Stray Animals Monkeys and Basic Amenities आवारा पशुओं के आतंक और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं वार्ड आठ के लोग, Darbhanga Hindi News - Hindustan
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आवारा पशुओं के आतंक और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं वार्ड आठ के लोग

शहर के वार्ड नंबर आठ के निवासी आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से परेशान हैं। नगर निगम की लापरवाही के कारण पेयजल की स्थिति खराब है, सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। लोगों ने निगम से समस्याओं का समाधान करने...

Newswrap हिन्दुस्तान, दरभंगाThu, 14 Aug 2025 04:35 PM
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आवारा पशुओं के आतंक और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं वार्ड आठ के लोग

शहर के वार्ड नंबर आठ में लोग आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक के साथ ही मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण न तो पेयजल की व्यवस्था ठीक है और न ही सफाई की स्थिति सुधर रही है। लोगों की शिकायत है कि मोहल्ले में नियमित सफाई नहीं होती। कचरा उठाने के लिए निगम की गाड़ी नहीं आती और सफाई कर्मी भी घर-घर नहीं पहुंचते। परिणामस्वरूप सड़कों किनारे कचरा दिनभर फैला रहता है, जिसे आवारा पशु और अधिक फैला देते हैं। इस समस्या को लेकर कई बार वार्ड पार्षद से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सफाई कर्मियों की कमी का बहाना बनाकर बात टाल दी जाती है।

मोहल्ले में आवारा पशुओं की समस्या गंभीर है। गाय, बैल और कुत्ते खुलेआम घूमते हैं, कचरा फैलाते हैं और कभी-कभी लोगों पर हमला भी कर देते हैं। इसके अलावा बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोग दिन-रात डर के साए में रहते हैं। खुले दरवाजे या खिड़की के जरिए बंदर घरों में घुसकर सामान बिखेर देते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए निगम केवल फाइलों में योजना बनाकर छोड़ देता है। पेयजल संकट भी यहां के लिए बड़ी समस्या है। मोहल्ले में पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन रखरखाव के अभाव में स्थिति बिगड़ गई। मुख्य पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज है, जिससे सड़क और नाले में पानी बर्बाद हो रहा है, जबकि घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। कई कनेक्शन प्लास्टिक पाइप से दिए गए थे, जो अब टूट चुके हैं। लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने अब तक पाइपलाइन बिछाने वाली एजेंसी से काम का नियंत्रण अपने हाथ में नहीं लिया, जिससे पानी की आपूर्ति बाधित है। वार्ड पार्षद संजू देवी ने बताया कि पेयजल संकट का मुद्दा कई बार नगर निगम बोर्ड की बैठक में उठाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके अलावा गरीब परिवारों को मिलने वाले राशन में भी अनियमितता है। लोगों का कहना है कि जिन डीलरों को अनाज वितरण की जिम्मेदारी दी गई है, वे समय पर आवंटन नहीं करते, जिसके कारण कई परिवारों को हर महीने अनाज की किल्लत झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि सफाई व्यवस्था सुधारी जाए, आवारा पशुओं और बंदरों पर नियंत्रण के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए, पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत कराकर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए और राशन वितरण में पारदर्शिता लाई जाए, ताकि मोहल्ले की समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके। शहर के वार्ड नंबर आठ के निवासी सुजीत कुमार आचार्य, चिंटू झा, संजय राय, श्रवण कुमार, पंकज कुमार आदि ने कहा कि मोहल्ले में आवारा पशुओं के साथ ही बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। इसके अलावा यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। लोगों की शिकायत है कि पेयजल संकट के निपटारे में नगर निगम पूरी तरह नाकाम है। इसी तरह साफ-सफाई के मुद्दे पर भी निगम प्रशासन पूरी तरह विफल है। -बोले जिम्मेदार- वार्ड-8 में भी शहर के अन्य मोहल्लों की तरह ही सफाई की व्यवस्था की गयी है। इसकी नियमित रूप से निगरानी भी की जा रही है। इसके अलावा पेयजल की समस्या होने पर वहां नगर निगम की ओर से वाटर टैंकर भेजे जा रहे हैं। - रवि अमरनाथ, सिटी मैनेजर

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