पेयजल संकट, जलजमाव व जर्जर सड़क से जूझ रहे लीला चौक के लोग
लीला चौक मोहल्ले के लोग पानी की आपूर्ति और जर्जर सड़कों की समस्या से जूझ रहे हैं। बुडको और नगर निगम की लापरवाही के कारण महिलाएं विशेष रूप से प्रभावित हैं। स्थानीय लोग जलनिकासी, राशन वितरण में...
शहर के वार्ड-34 के लीला चौक मोहल्ले के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहे हैं। तंग गलियों वाला यह इलाका नगर निगम और बुडको के पदाधिकारी और कर्मियों की लापरवाही और अनदेखी का शिकार है। यहां सबसे बड़ी समस्या पेयजल आपूर्ति की है। लोगों का कहना है कि बुडको ने पानी की पाइपलाइन बिछाने के नाम पर जगह-जगह सड़कें खोद डालीं, लेकिन न तो अब तक पानी की आपूर्ति हो रही है और न ही सड़कों में किए गए गड्ढ़े भरे गए। पेयजल संकट से महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। मोहल्ले की महिलाओं का कहना है कि पानी की अनुपलब्धता ने उनकी दैनिक जिंदगी को बेहद मुश्किल बना दिया है।

कई बार उन्हें मोहल्ले से दूर जाकर पानी लाना पड़ता है, जिससे घर के दूसरे काम प्रभावित होते हैं। उन्होंने नगर निगम और बुडको से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द पानी की सप्लाई शुरू की जाए, ताकि इस लंबे संकट से राहत मिल सके। वहीं दूसरी तरफ जर्जर सड़कें और जगह-जगह गड्ढ़ों के कारण लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। मोहल्ले की गलियां और सड़कें पहले से ही खराब थीं। पाइपलाइन डालने के लिए बार-बार सड़क खोदने से स्थिति और बिगड़ गई। बरसात के समय इन गड्ढों में पानी भर जाने से हादसों का डर हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बुडको ने सड़कें तोड़कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन उनकी मरम्मत का कोई इंतजाम नहीं किया गया। लीला चौक मोहल्ले में हल्की बारिश में ही जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। मोहल्ले में जलनिकासी की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। यहां वर्षों पहले बनाए गए नाले या तो टूट चुके हैं या फिर पूरी तरह जाम हैं। बरसात के दिनों में हल्की बारिश के बाद ही सड़कें और गलियां पानी से भर जाती हैं। लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम समय-समय पर मशीन से नालों की सफाई कराता तो इतनी बड़ी समस्या खड़ी नहीं होती। अब हालत यह है कि जाम नाले बदबू फैला रहे हैं और जगह-जगह टूटने लगे हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि वार्ड की पार्षद कई बार नगर निगम की बैठकों में इस समस्या को उठाती हैं, लेकिन महज चर्चा तक ही मामला सिमट जाता है। कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। लोग सवाल करते हैं कि आखिर कब तक उन्हें इसी हालात में जीना पड़ेगा। लीला चौक के लोगों की परेशानियां केवल पानी और नालों तक सीमित नहीं हैं। राशन वितरण में भी अनियमितता बरती जा रही है। कई लोगों का आरोप है कि उन्हें हर महीने राशन नहीं मिलता। वहीं कई परिवारों के राशन कार्ड से नाम हटा दिए गए हैं, जिससे अब वे राशन पाने से वंचित हैं। गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कई बार आवेदन और शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्या की सुनवाई नहीं हो रही। इन तमाम समस्याओं के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि नगर निगम, बुडको और जिला प्रशासन तत्काल मिलकर पेयजल आपूर्ति बहाल करें, जर्जर सड़कों को मरम्मत कराएं और नालों की नियमित सफाई शुरू करें।
-बोले जिम्मेदार-
लीला चौक मोहल्ले में पानी जमा होने पर नगर निगम की ओर से दमकल लगाकर जलनिकासी करायी जाती है। पेयजल के लिए वाटर टैंकर भेजे जाते हैं।
- रवि अमरनाथ, सिटी मैनेजर
वार्ड में तेजी से विकास कार्य हुआ है। बचे हुए कार्यों के लिए योजना स्वीकृत हो चुकी है। आने वाले दिनों में सड़क और नाले की समस्या दूर हो जाएगी। पेयजल आपूर्ति की समस्या का भी निदान अब तक हो जाता, लेकिन बुडको की सुस्ती व लापरवाही के कारण लोगों को अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। नगर निगम की बैठकों में इस मुद्दे को कई बार उठा चुकी हूं, इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ। मेरी तरफ से हर संभव प्रयास हो रहा है।
- पूनम देवी, पार्षद, वार्ड 34

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