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24 सितम्बर, 2020|5:58|IST

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आठ साल पहले दरभंगा आए थे प्रणब दा, भारतीय वेशभूषा में दीक्षांत समारोह आयोजित कराने की दी थी प्रेरणा

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शहर समेत जिलेभर के लोगों ने शोक व्यक्त किया है। पूर्व राष्ट्रपति की यादें दरभंगा से भी जुड़ी हुई हैं। वे 03 अक्टूबर 2012 को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में दरभंगा आए थे। उस समय डॉ. समरेंद्र प्रताप सिंह लनामि विवि के कुलपति थे।
डॉ. सिंह ने उनके संस्मरण की याद दिलाते हुए कहा कि उस दिन को वे कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी थे। वे पूरे समारोह के दौरान यही बात कहते रहे कि अब इस विदेशी अंदाज में हो रहे दीक्षांत समारोह को बंद कर इसे भारतीय अंदाज में करना चाहिए। उनके कहने का भाव यह था कि विदेशी वेश-भूषा को परिवर्तित कर भारतीय वेश-भूषा में यह समारोह आयोजित होना चाहिए।
पूर्व राष्ट्रपति की इस सलाह से प्रेरित होकर डॉ. सिंह जब आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति बने तो उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति की इस सलाह पर अमल किया। वहां उन्होंने दीक्षांत समारोह में छात्रों के लिए पायजामा, कुर्ता, मालवीय टोपी व छात्राओं के लिए सलवार-सूट को परिधान बनाया। इस प्रकार वहां भव्य रूप से दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया।
पूर्व कुलपति डॉ. सिंह ने बताया कि दरभंगा में आयोजित दीक्षांत समारोह में पूर्व राष्ट्रपति के आगमन का सारा श्रेय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जाता है। उनके सहयोग से ही पूर्व राष्ट्रपति का दरभंगा आगमन संभव हुआ था।

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  • Web Title:Pranab dawho came to Darbhanga eight years ago at the convocation ceremony was inspired to organize the convocation in Indian costumes