Darbhanga News: बेनीपुर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई
Darbhanga News: विजय राय, बेनीपुर। बेनीपुर के शहरी व ग्रामीण इलाके कई दशकों से बिजली समस्या से जूझ रहे हैं। जर्जर तारों और विद्युत आपूर्ति की कमी के चलते उपभोक्ता परेशान हैं। विभागीय शिथिलता के कारण समाधान में देरी हो रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर से आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

Darbhanga News: विजय राय,बेनीपुर। कई दशकों से बेनीपुर के शहरी व ग्रामीण इलाके बिजली समस्या से जूझ रहे हैं। विद्युत आपूर्ति ग्रिड स्टेशन से पीएस की दूरी अधिक होने और 33 हजार व एलटी तार के जर्जर होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। लो वोल्टेज एवं बार-बार ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत दूर करने में भी विभाग शिथिलता बरत रहा है। बेनीपुर विद्युत आपूर्ति ग्रिड टीकापट्टी (अलीनगर) से बेनीपुर के तीनों पीएसएस को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक बेनीपुर पीएसएस 25 एमवीए, हरिपुर पीएसएस 15 एमवीए तथा बहेड़ा पीएसएस 10 एमवीए क्षमता का है। बेनीपुर एवं बहेड़ा को गंगवाड़ा पावर ग्रिड स्टेशन से 50 किलोमीटर दूर से बिजली मिलती है। इसी प्रकार हरिपुर को पंडौल पावर ग्रिड स्टेशन से 20 किलोमीटर दूर से आपूर्ति होती है। कुशेश्वरस्थान हरौली ग्रिड पावर स्टेशन से बेनीपुर पीएस को यदा-कदा बिजली मिलती है। इसकी दूरी भी करीब 50 किमी है。
बिजली आपूर्ति की स्थिति
उधर, टीकापट्टी स्थित बेनीपुर विद्युत पावर ग्रिड स्टेशन से बेनीपुर पीएसएस की दूरी मात्र 18 किलोमीटर है। ताज्जुब की बात है कि बेनीपुर ग्रिड स्टेशन के नजदीक होने के बावजूद बहेड़ा, बेनीपुर एवं हरिपुर पीएसएस को इससे वंचित रखा जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार बेनीपुर को 11 मेगावाट बिजली की मांग के अनुरूप आपूर्ति हो रही है। सूत्रों के अनुसार बेनीपुर से नवादा जाने वाले 11 हजार तथा एलटी लाइन के जर्जर होने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बदतर हो गई है।
उपभोक्ता समस्याएं
नवादा स्थित वेंकटेश भगवान मंदिर की ओर जाने वाली विद्युत लाइन तीन फेज के बजाय दो फेज की है। वहां कई एसी और समरसेबल मशीनें चलती हैं। हमेशा लो वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ता परेशान रहते हैं। वर्षों पहले लगा तार जर्जर हो चुका है। कई जगह तार क्षतिग्रस्त हैं। पोल नहीं बदले गए हैं। खराब या जला ट्रांसफॉर्मर बदलने में कम से कम 12 घंटे लग जाते हैं। विद्युत लाइन में फॉल्ट ढूंढने की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है।
स्मार्ट मीटर का प्रभाव
कई उपभोक्ताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर में बिजली की अधिक खपत दिखाकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए पीएसएस के कंट्रोल रूम में शिकायत करने पर विद्युत कर्मी रुचि नहीं दिखाते हैं।
शिकायत निवारण आवश्यकता
शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। विद्युत विभाग का कहना है कि बेनीपुर प्रखंड एवं नगर परिषद क्षेत्र में 23 घंटे बिजली आपूर्ति की जाती है, जबकि स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें 15 से 17 घंटे ही बिजली मिल पाती है।


