Hindi NewsBihar NewsDarbhanga NewsNational Youth Day Seminar Celebrates Swami Vivekananda s Legacy and Inspires Young India
भारतीय विकास यात्रा की प्रेरक शक्ति हैं युवा : प्रो. संजीव

भारतीय विकास यात्रा की प्रेरक शक्ति हैं युवा : प्रो. संजीव

संक्षेप:

दरभंगा में राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं पर चर्चा की गई। प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने मानव निर्माण और चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए युवाओं को आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता ने युवाओं की शक्ति को भारत के विकास की कुंजी बताया।

Jan 13, 2026 08:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, दरभंगा
share Share
Follow Us on

दरभंगा। भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है और यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे पास स्वामी विवेकानंद जैसे युवा प्रेरणा स्रोत हमारी धरोहर हैं। सीएम साइंस कॉलेज में एनएसएस के तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने उक्त बातें कही। स्वामी विवेकानंद का चिंतन : मानव निर्माण से राष्ट्र निर्माण की वैचारिक यात्रा विषयक संगोष्ठी में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के व्यावहारिक वेदांत और मानव निर्माण शिक्षा की सार्थक एवं रोचक व्याख्या की, जो विशेष रूप से चरित्र निर्माण पर बल देती है। उन्होंने शिकागो धर्म संसद की ऐतिहासिक गूंज से लेकर स्वामी विवेकानंद के महाप्रयाण तक के संदर्भों के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा के प्रति विशेष रूप से जागृत किया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता ने कहा कि डेमोग्राफी और डेमोक्रेसी के रूप में असीमित शक्तियों वाला राष्ट्र भारत युवा सपनों को नई उड़ान दे रहा है। वर्तमान अमृत पीढ़ी के रूप में संदर्भित युवा शक्ति भारत की विकास यात्रा की प्रेरक शक्ति बन गई है, जो आने वाले 25 वर्षों में देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी और भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाएगी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व और कृतित्व से सीख लेने की सलाह देते हुए युवाओं का बेहतर कल के निर्माण के लिए आगे बढ़ने का आह्वान किया। पूर्व साइंस डीन प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा ने कहा कि एजुकेशन के इनपुट के रूप में दिए जा रहे ज्ञान और उससे आउटपुट के रूप में तैयार हो रहे युवा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। लनामिवि के आईक्यूएसी निदेशक प्रो. ज्या हैदर, एनएसएस समन्वयक डॉ. आरएन चौरसिया, उप कुलसचिव डॉ. कुमार मनीष, डॉ. निधि झा सहित कई स्वयंसेवकों ने भी विचार व्यक्त किये। स्वागत एनएसएस पदाधिकारी डॉ. युगेश्वर साह ने, संचालन डॉ. सत्येन्द्र कुमार झा एवं डॉ. अंशु सिन्हा ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रश्मि रेखा ने किया। मौके पर अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. युगेश्वर साह की पुस्तक पृथ्वीपुत्र: सन ऑफ सोएल का विमोचन भी किया गया।