वार्ड-1: गर्मी में पेयजल की किल्लत बरसात में जलजमाव की दोहरी मार
नगर निगम के वार्ड एक में लोग जलजमाव और पेयजल की कमी से परेशान हैं। कई मोहल्लों की सड़कें कच्ची हैं और नालों का अभाव है। पार्षद की पहल से कुछ सड़कें बनी हैं, लेकिन पानी निकासी की समस्या बनी हुई है। गर्मियों में नल ना लगने से पानी की किल्लत और आवाजाही में कठिनाई हो रही है।
नगर निगम के वार्ड एक के लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं। वार्ड के कई मोहल्लों की सड़कें कच्ची हैं और नालों का वजूद नहीं है। जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा दिखता है और नाले, रोड व पोखरों पर अतिक्रमण पसरा है। वार्ड के लोग बरसात से होने वाले जलजमाव व गर्मी में पेयजल की किल्लत को विकराल समस्या मानते है। लोगों का कहना है कि पार्षद की पहल से दर्जनों रोड व नालों का निर्माण हुआ है, पर पानी निकासी का बंदोबस्त नहीं है। पानी भरने पर नाले का पानी उफनाकर रोड पर बहता है। हल्की वर्षा होते ही अलफगंज, ताज एवं डीह विशनपुर, दर्जीटोला आदि क्षेत्रों में जलजमाव हो जाता है।
इसके चलते लोगों को महीनों आवाजाही में कठिनाई होती है। गर निगम के वार्ड नंबर एक में बुनियादी सुविधाएं कमतर हैं। कई मोहल्लों की सड़कें कच्ची हैं और नालों का वजूद नहीं है। जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा दिखता है और नाले, रोड व पोखरों पर अतिक्रमण पसरा है। वार्ड के लोग बरसात से होने वाले जलजमाव व गर्मी में पेयजल किल्लत को विकराल समस्या मानते है। लोगों का कहना है कि पार्षद की पहल से दर्जनों रोड व नालों का निर्माण हुआ है, पर पानी निकासी का बंदोबस्त नहीं है। पानी भरने पर नाले का पानी उफनकर रोड पर बहता है। हल्की वर्षा होते ही अलफगंज, ताज एवं डीह विशनपुर, दर्जीटोला आदि क्षेत्रों में जलजमाव बन जाता है। इसके चलते महीनों आवाजाही में कठिनाई होती है। लोग गर्मी के दिनों में पानी के लिए जद्दोजहद करने की शिकायत करते हैं। बताते हैं कि वर्षों से वार्ड में योजना का काम चल है। इसके बावजूद सभी होल्डिंग धारकों के घर में नल नहीं लग पाया है। इस वजह से गर्मी में इस वर्ष भी पेयजल के लिए हाहाकार की स्थिति उत्पन्न होगी। लोग इसका जिम्मेदार नगर निगम प्रशासन को ठहराते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश राउत, मो. जुबैर अली, सत्यनारायण महतो, मो. रिजवान, भारती देवी, जितेंद्र कुमार, विनोद सहनी, सुमित्रा देवी, पार्वती देवी, मुखिया सहनी आदि बताते हैं कि निगम अधिकारी होल्डिंग टैक्स का भौतिक सत्यापन करने लोगों के घर पहुंचते हैं, पर नल-जल, रोड, नाला जैसे कार्यों का निरीक्षण करना भूल जाते हैं। उन्होंने बताया कि मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण कार्यकारी एजेंसी के कर्मी मनमाने ढंग से काम करते हैं। लोग सवाल उठाते हैं तो संवेदक व कर्मी उल्टा जबाब देते हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर एक में करीब पांच हजार होल्डिंग टैक्स चुकाने वाले परिवार हैं। इनमें से लगभग दो हजार घरों में ही नल लग पाया है। उन्होंने बताया कि नल-जल की कार्यरत एजेंसी बुडको के कर्मियों ने अधिकतर क्षेत्र में वाटर पाइपलाइन बिछाकर छोड़ दिया है। सैकड़ों घरों में लगे नल का कनेक्शन मेन लाइन से नहीं जुड़ा है और पानी सप्लाई से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड पार्षद ने 8-10 जगहों पर सबमरसेबल गड़वाये हैं, पर इसका लाभ पांच-छह सौ घरों को ही मिलता है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष फरवरी माह बीतते ही चापाकल और मोटर पंप सूखने लगते हैं। इससे लोग लंबी दूरी तय कर बाल्टी में पानी भरकर घर लाने को विवश हो जाते हैं। इससे दिनचर्या पटरी से उतर जाती है। बच्चों को बिना स्नान के ही स्कूल जाना पड़ता है। दैनिक कामगारों को दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि निगम अधिकारियों को पब्लिक की परेशानी पर ध्यान देना चाहिए। अधिकारी अभियान चलाकर नल-जल का काम पूरा कराने की पहल करें। इससे दशकभर बरकरार पेयजल किल्लत की समस्या का अंत होगा और लोग गर्मी में राहत की सांस लेंगे। लोगों ने बताया कि शहरीकरण तेज होने पर खेतों-चौड़ में मकान बन गये। इससे दामोदरी मन पोखर में वर्षा जल बहाव का रास्ता अवरुद्ध हो गया। इसका फायदा उठाकर अतिक्रमणकारियों ने दामोदरी मन, महरानी गाछी पोखर, छठी पोखर से बेला मोड़ जाने वाली निगम की नहर, नाले सब पर कब्जा जमा रखा है। इसे मुक्त कराने पर ही जलजमाव खत्म होगा।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


