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लेबर कोड रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन

लेबर कोड रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन

संक्षेप:

दरभंगा में केंद्रीय श्रमिक संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चारों लेबर कोड रद्द करने की मांग की। सभा में नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता बताई।

Nov 27, 2025 12:35 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, दरभंगा
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दरभंगा। केंद्रीय श्रमिक संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को लहेरियासराय के धरनास्थल पर सीटू और अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चारों लेबर कोड रद्द करने की मांग को लेकर केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाया। धरना की अध्यक्षता जिला किसान सभा के अध्यक्ष महेश दुबे और बीएसएसआर यूनियन के अध्यक्ष नितेश कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से की। मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के बिहार राज्य के संयुक्त मंत्री श्याम भारती ने कहा कि मजदूर और किसान आज गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर का दिन इसलिए चुना गया है क्योंकि इसी दिन 2020 में मजदूरों ने श्रम संहिताओं के खिलाफ हड़ताल की थी और किसानों ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संसद मार्च शुरू किया था।

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श्याम भारती ने आरोप लगाया कि एनडीए-3 की सरकार की नीतियां कॉरपोरेट हितों को साधने वाली हैं। खेती की लागत हर साल 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ रही है, जबकि एमएसपी में बढ़ोतरी महज दो से पांच प्रतिशत की हो रही है। सीटू की ओर से बिहार राज्य कमेटी के सदस्य सत्य प्रकाश चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने मजदूरों की मांगों पर विचार किए बिना 21 नवंबर 2025 को चारों श्रम संहिताएं अधिसूचित कर दीं। उन्होंने कहा कि ये लेबर कोड न्यूनतम वेतन, सुरक्षित रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और यूनियन बनाने जैसे अधिकारों को कमजोर करते हैं। निजीकरण और ठेका प्रणाली से मजदूर गुलामी की ओर धकेले जा रहे हैं। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग दोहराई। मजदूर नेता फूल कुमार झा ने कहा कि लेबर कोड लागू होने से स्थायी नौकरियां खत्म होकर फिक्स टर्म रोजगार बढ़ेगा। पुराने 29 श्रम कानून खत्म कर कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा दिया जा रहा है। धरना स्थल से खेतिहर मजदूर यूनियन के नेता गोपाल ठाकुर और डीएमसीएच सफाई कर्मचारी यूनियन की नेता तबस्सुम के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया, जो समाहरणालय होते हुए टावर चौक तक गया। फिर दोबारा समाहरणालय गेट नंबर दो पर किसान–मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।