
देश की अंतिम जीवित महारानी अधिरानी थीं काम सुंदरी देवी
दरभंगा की महारानी कामसुंदरी देवी, जो दरभंगा राज परिवार की अंतिम जीवित महिला थीं, का निधन हो गया। वे सादगी, करुणा और गरिमा की प्रतीक थीं। उनका जीवन राजपरंपरा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को समर्पित था। उनके निधन से समाज में एक बड़ी रिक्तता उत्पन्न हुई है। दरभंगा राज परिवार की संपत्ति 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
दरभंगा। महारानी कामसुंदरी देवी महारानी अधिरानी उपाधिधारी देश की अंतिम जीवित महिला थीं। दरभंगा राज परिवार की सदस्य कुमुद सिंह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कामसुंदरी नाम उन्हें दरभंगा राज परिवार की ओर से दिया गया था। उनके मायके का नाम कल्याणी था। कुमुद सिंह ने कहा कि राज परिवार में पहली रानी को लक्ष्मी, दूसरी को प्रिया और तीसरी को कामा का नाम दिया जाता था। यह राज परिवार की परंपरा थी। सनातन में चार विवाह तक करने को मान्यता दी गयी थी। वर्तमान में वे महाराजा कामेश्वर सिंह की ओर से दी गयी कल्याणी निवास में ही रह रही थीं।
वहां मायके के लोग उनकी देखभाल करते थे। उनके पोते कुमार कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि महारानी अधिरानी कामसुन्दरी देवी सादगी, सौम्यता, करुणा और गरिमा की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने जीवनभर राजपरंपरा की मर्यादाओं का निर्वाह करते हुए स्वयं को सदैव लोक जीवन से जोड़े रखा। वैभव और ऐश्वर्य के मध्य रहते हुए भी उनका व्यक्तित्व अत्यंत सरल, संयमी और संवेदनशील रहा। उनका संपूर्ण जीवन मौन, साधना, त्याग, अनुशासन और मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा के लिए समर्पित रहा। इसने समाज को दिशा और मर्यादा दोनों प्रदान की। कुमार रत्नेश्वर सिंह व कुमार राजेश्वर सिंह ने कहा कि महारानी अधिकारी कामसुन्दरी देवी के निधन से ऐसा प्रतीत होता है जैसे मौन, किंतु सशक्त चेतना हमारे बीच से विदा हो गई हो। उनके निधन से सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक जीवन में ऐसी रिक्तता उत्पन्न हुई है, जिसकी पूर्ति संभव नहीं है। राज परिवार के पास 10 हजार करोड़ की है संपत्ति दरभंगा राज परिवार के पास वर्तमान में 10 हजार करोड़ से भी अधिक की संपत्ति है। राज परिवार के सूत्रों के अनुसार इनमें कामेश्वर सिंह रिलीजियस ट्रस्ट के अलावा निजी संपत्ति भी है। वर्तमान में दरभंगा राज परिवार की जमीन देश के कई हिस्सों में है। अब कामेश्वर सिंह रिलीजियस ट्रस्ट के होने वाले नए ट्रस्टी इस संपत्ति की देखभाल करेंगे। बिहार के सबसे बड़े न्यास की थीं न्यासी दरभंगा राज परिवार की सदस्य कुमुद सिंह ने कहा कि महारानी अधिरानी कामसुन्दरी देवी बिहार के सबसे बड़े न्यास कामेश्वर सिंह रिलीजियस ट्रस्ट की अंतिम जीवित ट्रस्टी थीं। वर्तमान में इस ट्रस्ट के पास एक लाख एकड़ जमीन और दो हजार करोड़ का सोना है। इसके अलावा इस ट्रस्ट के पास देश-विदेश में 108 मंदिर हैं। इनमें से एक मंदिर पाकिस्तान में भी है। इन मंदिरों के संचालन के लिए ट्रस्ट की ओर से जमीन भी दान में दी गयी है। इस ट्रस्ट के दो ट्रस्टियों का निधन पूर्व में ही हो चुका है।

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