
पहली बार ईस्ट जोन चैंपियन का खिताब
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की महिला क्रिकेट टीम ने पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार चैंपियन का खिताब जीता। उन्होंने लगातार नौवीं बार अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। टीम ने फाइनल में रांची विवि को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। कुलपति ने टीम की प्रशंसा की।
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की महिला क्रिकेट टीम ने पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार चैंपियन का खिताब जीतकर विश्वविद्यालय का नाम रौशन कर दिया है। इसके साथ ही लगातार नौवीं बार क्वालीफाई करते हुए अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। केआईआईटी, भुवनेश्वर में आयोजित प्रतियोगिता में तीन जनवरी को ही लनामिवि की महिला क्रिकेट टीम ने हेमचंद विश्वविद्यालय की टीम को करारी शिकस्त देते हुए ऑल इंडिया टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर लिया था। इसके बाद रैंकिंग के लिए खेले गए तीनों लीग मैच जीत कर टीम ने पहली बार ईस्ट जोन चैंपियन का खिताब भी अपने नाम कर लिया।
बता दें कि गत वर्ष लनामिवि की महिला क्रिकेट टीम इस प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रही थी, जबकि 2017 से लगातार पूर्वी क्षेत्र प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करती आ रही है। खेल पदाधिकारी अमृत कुमार झा ने बताया कि लनामिवि की टीम का पहला लीग मैच वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के साथ हुआ। लनामिवि की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 131 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पूर्वांचल विवि की टीम चार विकेट के नुकसान पर 127 रन ही बना सकी। लनामिवि ने चार रनों से यह मैच जीत लिया। दूसरे लीग मैच में मेजबान केआईआईटी की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 123 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए लनामिवि के बल्लेबाजों ने मात्र तीन विकेट गंवा कर 18.5 ओवरों में ही मैच जीत लिया। अंतिम और फाईनल मुकाबला लनामिवि एवं रांची विवि की टीम के बीच खेला गया। लनामिवि के खिलाड़ियों ने इस मैच में जबरदस्त प्रदर्शन किया। रांची विवि की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया, लेकिन लनामिवि के गेंदबाजों ने इस निर्णय को गलत साबित कर दिया। रांची विवि की टीम 20 ओवरों में सात विकेट गंवाकर मात्र 59 रन ही बना सकी। लनामिवि की गेंदबाज अपूर्वा कुमारी ने दो तथा अंशु अपूर्वा, आर्या सेठ एवं शिल्पी ने एक-एक विकेट चटकाए। लनामिवि ने 7.1 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर नौ विकेट से यह मैच अपने नाम करते हुए चैंपियन का खिताब जीत लिया। लनामिवि की ओर से प्रीति ने नाबाद 31 एवं यशिता सिंह ने नाबाद 20 रन बनाए। कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने इस शानदार उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि हमारी महिला क्रिकेट टीम ने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए चैंपियन का खिताब जीत कर विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है। यह गर्व की बात है कि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का परचम लहरा रहे हैं। यह उपलब्धि खिलाड़ियों के परिश्रम और कोचिंग स्टाफ के मार्गदर्शन का सुखद परिणाम है। एफए इन्द्र कुमार ने टीम को चैंपियन बनने की बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय खेलों के विकास को प्राथमिकता दे रहा है, खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से इसे सही साबित कर दिया है। कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हंसदा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि टीम की यह सफलता विश्वविद्यालय में खेल संस्कृति के सुदृढ़ीकरण का प्रमाण है। डब्ल्यूआईटी निदेशेक सह विवि के पूर्व खेल पदाधिकारी प्रो. अजयनाथ झा ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम ने अपने प्रदर्शन से दर्शा दिया कि वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती है। खेल पदाधिकारी अमृत कुमार झा ने कहा कि हमारी महिला क्रिकेट टीम की यह अभूतपूर्व उपलब्धि केवल पदक या खिताब नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, लक्ष्य-के्द्रिरतता और अनुशासन की विजय है। निरंतर अभ्यास, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक मनोवृत्ति ने खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सक्षम बनाया। खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल विभाग के सामूहिक प्रयासों ने यह सिद्ध किया है कि संस्थागत समर्थन मिलने पर प्रतिभाएं इतिहास रचती हैं, जो भविष्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनती है।

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