LNMU students get certificate from ISRO - एलएनएमयू के छात्रों को इसरो से मिला प्रमाणपत्र DA Image
18 नबम्बर, 2019|9:20|IST

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एलएनएमयू के छात्रों को इसरो से मिला प्रमाणपत्र

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय भूगोल विभाग के 11 छात्र-छात्राओं को पहली बार इसरो से प्रमाणपत्र मिला है। उन्हें यह प्रमाणपत्र ‘रिमोट सेंसिंग तथा जीआईएस विषय में मिला है। इस कोर्स में कुल 50 छात्र-छात्राएं पंजीयन कराकर शामिल हुए थे जिनमें विभिन्न कारणों से सिर्फ 28 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो सके थे।

इसरो ने यह परीक्षा चार व पांच जुलाई को भूगोल विभाग में ऑनलाइन संचालित की थी। प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन ही भेज दिये गये। मिथिला विश्वविद्यालय प्रदेश में पहला विश्वविद्यालय है जिसे यह गौरव प्राप्त हुआ है। सूचना एवं संचार क्रांति तथा अव्वल ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा ने विधिवत कक्षारूपी शिक्षा के उपरोक्त शिक्षा के नए आयाम तथा अवसर खोले हैं। दूरस्थ शिक्षा की सहायता के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) ने 2004 में एजुसैट नामक उपग्रह अंतरिक्ष मंडल में स्थापित किया था। एजुसैट उपग्रह का मुख्य कार्य भारत में स्थित विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षा संस्थानों (स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर पर) मंत्रालयों तथा स्वयंसेवी संस्थानों को दूरस्थ शिक्षा प्रदान करना है।

विश्वविद्यालय भूगोल विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने इस वर्ष पूरे बिहार में आईआईआरएस आउटरीच डिस्टेंस लर्निंग की सुविधा शुरू करने का गौरव प्राप्त किया है। अप्रैल में शुरू हुआ पहला कोर्स रिमोट सेंसिंग तथा जीआईएस जैसे आधुनिक तकनीक पर केंद्रित था। यह विभाग का एक अनोखा तथा अभिनव प्रयास है जिसमें विद्यार्थियों को इंटरनेट के माध्यम से आईआईआरएस इसरो, देहरादून के वैज्ञानिकों द्वारा सीधा प्रसारण कर शिक्षा दी जा रही है। कुलपति प्रो. एसके सिंह के कुशल मार्गदर्शन में 44 वें इसरो आईआईआरएस कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ. मनु राज शर्मा ने बताया कि 22 अप्रैल से 26 अप्रैल तक संचालित विधिवत कार्यक्रम ‘भूस्खलन तथा भूकंप के क्षेत्रीकरण, मापन तथा भविष्य रूपरेखा पर केंद्रित था। इस कार्यक्रम में छात्रों को सुदूर संवेदन की तकनीक द्वारा भूस्खलन तथा भूकंप को मापने तथा भविष्य में संभावित घटनाक्रमों की शिक्षा दी गई। इसी कोर्स पर आधारित ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन इसरो ने किया था जिसमें कुल 28 छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

इस पाठ्यक्रम की ऑनलाइन परीक्षा विश्वविद्यालय भूगोल विभाग में जुलाई 4-5, 2019 को आयोजित की गई। इस परीक्षा का सफल संचालन हुआ तथा इस परीक्षा में में कुल 11 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए। विश्वविद्यालय भूगोल विभाग, एलएनएमयू ने बिहार राज्य का पहला विभाग होने का गौरव प्राप्त किया है जिसमें नवीन तकनीक ‘रिमोट सेंसिंग तथा जीआईएस पर आईआईआरएस इसरो द्वारा र्सिटफिकेट प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर विभागाध्यक्ष डॉ. जयानंद मिश्र ने कुलपति को धन्यवाद दिया तथा सभी छात्रों को बधाई दी। छात्रों को डिजिटल सर्टिफिकेट एक माह के भीतर आईआईआरएस- इसरो, देहरादून से प्राप्त होगा। इस उपलब्धि पर विभाग के शिक्षक डॉ. अनुरंजन तथा डॉ. गौरव सिक्का ने छात्रों को बधाई दी है।

कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. मनु राज शर्मा ने जानकारी दी कि इस प्रकार के कार्यक्रम का लाभ विभाग आगामी शोध कार्य तथा मिथिलांचल के भौतिक क्षेत्रीय अध्ययन में उठाएगा। विभाग आगामी वर्ष में दूर संवेदन तथा जीआईएस पर आधारित डिप्लोमा कोर्स के परिचालन के लिए प्रयासरत है। इसरो द्वारा प्रक्षेपित आगामी कोर्स ‘वायु प्रदूषण पर आधारित है जो वर्ष के अगस्त माह में प्रारंभ होगा।

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