Hindi NewsBihar NewsDarbhanga NewsIndia s Path to Development by 2047 Emphasizing Skilled Economy at National Seminar
स्किल्ड इकोनॉमी से विकसित बनेगा भारत : कुलपति

स्किल्ड इकोनॉमी से विकसित बनेगा भारत : कुलपति

संक्षेप:

दरभंगा में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्किल्ड इकॉनमी को अपनाना जरूरी है।...

Sep 10, 2025 03:45 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, दरभंगा
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दरभंगा। अगर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो हमें स्किल्ड इकॉनामी को अपनाना होगा। यह 140 करोड़ भारतीयों के सर्वश्रेष्ठ योगदान से ही संभव है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में पीजी अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में भारत की विकास गाथा : चुनौतियां और अवसर विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने ये बातें कही। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. चौधरी ने कहा कि आजादी से अब तक विभिन्न प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में निरंतर विकास के साथ चुनौतियों का सामना करते हुए भारत वर्तमान स्थिति तक पहुंचा है। यहां से आगे की यात्रा में स्किल्ड इकोनॉमी की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।

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इसी माध्यम से भारत विकसित राष्ट्र बन सकेगा। मुख्य अतिथि श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का विकास पंचवर्षीय योजना के साथ हुआ। देश ने कृषि, भारी उद्योग और आधारभूत संरचना, गरीबी उन्मूलन, रोजगार, शिक्षा व स्वास्थ्य, आईटी और सेवा क्षेत्र आदि में बड़े लक्ष्य हासिल किए। हालांकि कई बार युद्ध, आर्थिक संकट और राजनीतिक बदलावों के कारण देश को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी भारत में कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था से औद्योगिक और सेवा प्रधान अर्थव्यवस्था बनाने की मजबूत नींव रखी गयी। भारत की अर्थव्यवस्था का मॉडल समाजवादी, उदारवादी व गांधीवादी है। एएन सिन्हा रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक सह बीज वक्ता डॉ. डीएम दिवाकर ने कहा कि 1929 की महामंदी से पूर्व राज्य की भूमिका विकास में नगण्य थी। बाद में राज्य ने कल्याणकारी स्वरूप को ग्रहण किया। आजादी के बाद देश ने उद्योग आधारित नेहरू मॉडल को अपनाया जिससे देश का विकास तो हुआ, परंतु आर्थिक असमानता बढ़ी। फिलहाल देश को सतत विकास के साथ-साथ तेज रफ्तार की जरूरत है जो युवाओं को स्किल किये बिना संभव नहीं है। इसीलिए युवाओं को स्किल कर ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है। मिल्लत कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सिद्धार्थ शंकर सिंह ने कहा कि आज हमें ऐसे विकास की जरूरत है जो बौद्धिक, सांस्कृतिक परंपरा को पोषित करे और सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक असमानता को कम कर एक आध्यात्मिक रूप से मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सके। विभागाध्यक्ष डॉ. अम्बरीष कुमार झा ने प्रथम पंचवर्षीय योजना से लेकर आज तक के चुनौती और अवसर पर प्रकाश डाला। सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. शाहिद हसन, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार यादव आदि ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. शीला यादव तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. विजय कुमार यादव ने किया। तकनीकी सत्र में प्रतिभागी छात्र, शोधार्थी एवं शिक्षकों ने अपना पेपर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में भागलपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. बसंत कुमार झा, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. हिमांशु शेखर, उप कुलानुशासक डॉ. कामेश्वर पासवान, डॉ. अर्चना कुमारी, डॉ. मशरुर आलम सहित विवि के कई शिक्षक, शिक्षाविद, शोधार्थी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।