जाले में अकीदत के साथ मनाई बकरीद
जाले में ईद-उल-अजहा का पर्व धार्मिक उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी। मौलाना अबुल कलाम कासमी और मौलाना मुजफ्फर रहमानी ने त्याग और कुर्बानी का संदेश दिया। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की।

विजय कुमार ठाकुर,जाले। प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व धार्मिक उत्साह, भाईचारे और अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह से ही विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। दोघड़ा स्थित पुरवारी ईदगाह में ईद की नमाज के बाद मौलाना अबुल कलाम कासमी शम्सी एवं मौलाना अब्दुल मोगनी ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी, सब्र और ईश्वर की इबादत का महान पर्व है। वहीं नगर परिषद जाले स्थित केंद्रीय ईदगाह में मौलाना मुजफ्फर रहमानी ने कहा कि ईद-उल-अजहा केवल जानवर की कुर्बानी का नाम नहीं, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों, नफरत और घमंड को खत्म करने का भी पैगाम देती है।
इस मौके पर पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी।
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