एकता व सद्भाव का प्रतीक ईस्टर पर्व मनाया

Apr 05, 2026 11:56 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, दरभंगा
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दरभंगा में ईसाई समुदाय ने ईस्टर पर्व को धूमधाम से मनाया। चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएँ आयोजित की गईं, जहाँ श्रद्धालुओं ने यीशु मसीह के पुनर्जीवन की खुशी मनाई। पादरियों ने प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। होली रोजरी कैथोलिक चर्च में विशेष सजावट की गई और कार्यक्रम के अंत में मिठाइयाँ बाँटी गईं।

एकता व सद्भाव का प्रतीक ईस्टर पर्व मनाया

दरभंगा। एकता और सद्भाव का प्रतीक ईस्टर पर्व रविवार को ईसाई समुदाय की ओर से धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। ईसाई धर्मावलंबी नए कपड़े पहनकर चर्च पहुंचे और यीशु मसीह के पुनर्जीवन की खुशी मनाई। बच्चों और युवाओं ने गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। चर्च के पल्ली पुरोहित फादर रॉय मैथ्यू, सहायक पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ तथा मुख्य अतिथि फादर बन्नी पॉल सीएसटी ने अपने संदेश में प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि यह पर्व समाज में एकता और सद्भाव का प्रतीक है।

शहर के मध्य स्थित होली रोजरी कैथोलिक चर्च में भी कैथोलिक समुदाय के ईसाइयों ने रविवार को ईस्टर पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। रविवार की सुबह मिस्शा का भी आयोजन किया गया। देर रात में ही लोग नए वस्त्र पहनकर चर्च पहुंचे और यीशु मसीह के पुनरुत्थान की खुशी मनाई। प्रार्थना के दौरान भजन-कीर्तन और विशेष उपदेश का आयोजन हुआ। पादरी ने अपने संदेश में प्रेम, शांति और भाईचारे का महत्व बताया तथा सभी से आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने एक-दूसरे को ईस्टर की शुभकामनाएं दीं और प्रसाद वितरित किया गया।होली रोजरी कैथोलिक चर्च में आयोजित पास्का जागरण समारोह में पल्ली पुरोहित फादर रॉय मैथ्यू सीएसटी ने बताया कि ईस्टर पर्व ईसाई धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र उत्सव है, जो प्रभु येसु मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन इस बात का प्रतीक है कि सत्य, प्रेम और जीवन की शक्ति मृत्यु और अंधकार पर विजय प्राप्त करती है। ईस्टर हमें यह संदेश देता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आए, हमें विश्वास, धैर्य और सकारात्मकता बनाए रखनी चाहिए। ईस्टर हमें नई शुरुआत करने, दूसरों के प्रति प्रेम और करुणा दिखाने तथा समाज में शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है। चर्च के जनसंपर्क अधिकारी स्टीवन सर्पिस ने बताया कि होली रोसरी कैथोलिक चर्च को इस्टर के लिए खास तौर पर सजाया गया था। जहां चर्च की इमारत पर बिजली की लड़ियां और फूलों की माला लगाई गई थी। प्रभु यीशु की प्रतिमा को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पल्ली परिषद, महिला संघ, गायक मंडली, युवा मंडली व अन्य ने हर्ष-उल्लास के साथ देर रात आयोजित ईस्टर मिलन समारोह को मनाया। प्रभु यीशु के पुनर्जीवन प्राप्त करने पर लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाइया, ईस्टर एग, केक आदि बांटे।

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