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दरभंगा

परिवार के मुखिया का निधन होने से खाने के भी पड़े लाले

हिन्दुस्तान टीम,दरभंगाPublished By: Newswrap
Sun, 13 Jun 2021 11:51 PM
परिवार के मुखिया का निधन होने से खाने के भी पड़े लाले

बहेड़ी | प्रखंड क्षेत्र के हावीडीह गांव के जोगिंदर पाल के 32 वर्षीय पुत्र राजेश रावत का निधन गत पांच मई को दिल्ली में होम आइसोलेशन में इलाज के क्रम में हो गया। जोगिंदर पाल ने बताया कि मैं दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। बगल के डेरा में रहकर मेरा 32 वर्षीय पुत्र राजेश रावत भी ड्राइवरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। जब उसकी तबीयत खराब हुई तो 30 अप्रैल को कोविड-19 की जांच करवायी। इसकी रिपोर्ट एक मई को पॉजिटिव आयी। जोगिंदर ने कहा कि हॉस्पिटल में बेड खाली नहीं होने की बात कहकर होम आइसोलेशन में ही ऑनलाइन राजेश का इलाज शुरू किया गया। इस दौरान निजी रूप से ऑक्सीजन की भी व्यवस्था की गई थी। इसी बीच होम आइसोलेशन में ही इलाज के क्रम में पांच मई को दिल्ली में उसकी मौत हो गयी। इसके बाद कॉल करने पर डेड बॉडी ले जाने वाली सरकारी गाड़ी आई और उसे ले जाकर सराय काले श्मशान घाट में दाह संस्कार कर दिया गया। मृतक की मां पवित्री देवी भी श्मशान घाट तक गई थी। मृतक के दूसरे भाई अजीत कुमार रावत ने पीपीई किट पहनकर मुखाग्नि दी थी। कोरोना के शिकार हुए मृतक की पत्नी निशेखा देवी, 11 वर्षीया पुत्री भावना कुमारी, नौ वर्षीय पुत्र बबलू रावत व तीन वर्षीय आदर्श रावत के सामने पढ़ाई-लिखाई, कपड़ा, दवा व भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है। निर्भूमि पीड़ित परिवार का एकमात्र सहारा वह था। उसके परिवार को अब दो जून की रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। इलाज में काफी खर्च होने के कारण पीड़ित परिवार कर्ज के बोझ तले दब चुका है। इस संबंध में पूछने पर सीओ अवधेश प्रसाद ने बताया कि पहले ऑनलाइन अप्लाई करना होता है। इसमें मृत्यु प्रमाणपत्र, कोरोना पॉजिटिव प्रमाणपत्र, निकट परिजन के बैंक पासबुक की फोटो कॉपी व मृतक के आधार कार्ड की फोटो कॉपी लगानी होती है। इसके बाद परिजन को आपदा प्रबंधन कोष से चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया जाएगा।

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