Darbhanga News: जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस
Darbhanga News: जिले में सोमवार से जमीन और मकान की रजिस्ट्री पूरी तरह पेपरलेस हो गई। पहले दिन एक भी निबंधन नहीं हुआ क्योंकि लोगों को प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं थी। नई व्यवस्था में ऑनलाइन दस्तावेज तैयार किए जाएंगे और ई-सिग्नेचर के जरिए निबंधन होगा।

Darbhanga News: बैद्यनाथ झा बैजू,लहेरियासराय। जिले में जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया सोमवार से पूरी तरह पेपरलेस (डिजिटल) हो गई। हालांकि सोमवार को पहले दिन एक भी पेपरलेस निबंधन नहीं हो सका। दरअसल पूर्व से लोगों को पेपरलेस प्रक्रिया के सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं थी। पेपरलेस प्रक्रिया से निबंधन के लिए स्लॉट बुक करना होगा। बता दें कि नई व्यवस्था में पेन-पेपर का इस्तेमाल नहीं होगा और क्रेता-विक्रेता को स्टांप पेपर पर डीड लिखवाने या भारी-भरकम कागजात लेकर निबंधन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। दस्तावेज ऑनलाइन तैयार कर और निबंधन के बाद डिजिटल डीड पीडीएफ के रूप में मोबाइल, व्हाट्सएप या ई-मेल पर उपलब्ध कराया जाने लगेगा। विभाग के अनुसार, जिले के सभी भूमि निबंधन कार्यालय सोमवार से पेपरलेस हो गये।
नई व्यवस्था की तैयारी
जिला अवर निबंधन पदाधिकारी स्वीटी सुमन ने बताया कि नई व्यवस्था के लिए सभी संबंधित कर्मियों और सेवा प्रदाताओं को पूर्व में ही प्रशिक्षित कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि नई प्रक्रिया के तहत क्रेता-विक्रेता की अंगुलियों और आंखों की पुतलियों की स्कैनिंग की जाती है। इसके साथ ई-सिग्नेचर सहित आवश्यक डिजिटल प्रक्रियाएं पूरी की जाती है। निर्धारित स्लॉट के समय क्रेता-विक्रेता को निबंधन कार्यालय में पदाधिकारी के समक्ष इकरार की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। आवश्यकता पड़ने पर ई-केवाईसी भी कराया जायेगा। इकरार के दौरान आधार कार्ड के साथ एक अन्य पहचान पत्र लाना अनिवार्य है।
कातिब की भूमिका में बदलाव
पेपरलेस व्यवस्था में कातिब की भूमिका भी बदल गई है। कातिब अब केवल दस्तावेज लेखक के रूप में काम नहीं करेंगे, बल्कि सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर क्रेता-विक्रेता की मदद करेंगे। वे दस्तावेज तैयार करने के साथ ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट लेने में भी सहायता करेंगे। दस्तावेज ऑनलाइन अपडेट होने के बाद क्रेता-विक्रेता घर बैठे निबंधन के लिए स्लॉट बुक करेंगे। विभागीय निर्देश के अनुसार एक लाख रुपये तक के दस्तावेज पर कातिब को एक हजार रुपये पारिश्रमिक, एक लाख रुपये से अधिक और पांच लाख रुपये तक मूल्य वाले दस्तावेज पर 2500 रुपये तथा पांच लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य के दस्तावेज पर पांच हजार रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।


