पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन जल्द
दरभंगा में मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर शोध संस्थान की पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन संजय कुमार झा का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ये पांडुलिपियाँ भारतीय ज्ञान परंपरा की दुर्लभ विरासत हैं। समारोह में डॉ. मित्रनाथ झा ने संजय झा की धरोहरों के संरक्षण के प्रति निष्ठा की सराहना की।

दरभंगा। मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर शोध संस्थान की पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन मेरा प्रधान लक्ष्य है। इनमें भारतीय ज्ञान परंपरा की दुर्लभ विरासत छुपी हुई है। मेरा उद्देश्य संस्थान की प्राचीन व दुर्लभ पांडुलिपियों का यथाशीघ्र डिजिटाइजेशन है। ये बातें राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने शोध संस्थान के पूर्व पांडुलिपि विभागाध्यक्ष डॉ. मित्रनाथ झा के नेतृत्व में माधवेश्वर परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में कही। राज्यसभा सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन के फलस्वरूप मिथिला शोध संस्थान में विगत कई माह चल रहे निर्माण कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने शोध संस्थान के प्रकाशन विभाग को और अधिक सुदृढ़ता प्रदान किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर डॉ. मित्रनाथ झा ने संजय झा की धरोहरों के संरक्षण व संवर्धन के प्रति निष्ठा व तत्परता को विरल बताया। मौके पर एमएलएसएम कॉलेज के रसायन शास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आनंद मोहन झा, डॉ. सोमेश्वर नाथ झा दधीचि, सीनेट व एकेडमिक कौंसिल सदस्य डॉ. शंभूनाथ ठाकुर, भाजपा नेता राकेश झा, उज्ज्वल कुमार आदि थे।
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