Hindi NewsBihar NewsDarbhanga NewsDesperate Patients Turn to Private Stores as Anti-Rabies Serum Runs Out in Darbhanga Hospital
डीएमसीएच में महीनों से एंटी रेबीज सीरम नदारद, मरीज परेशान

डीएमसीएच में महीनों से एंटी रेबीज सीरम नदारद, मरीज परेशान

संक्षेप: दरभंगा के डीएमसीएच के पीएसएम विभाग में दो महीने से एंटी रेबीज सीरम समाप्त होने से मरीजों में हाहाकार मचा हुआ है। रोजाना दो दर्जन से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन अधिकांश को बिना इलाज लौटना पड़ रहा है या निजी दुकानों से सीरम खरीदना पड़ रहा है।

Wed, 12 Nov 2025 11:27 PMNewswrap हिन्दुस्तान, दरभंगा
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दरभंगा। डीएमसीएच के पीएसएम विभाग में दो महीने से भी अधिक समय से एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) समाप्त रहने से कुत्ते, बंदर, सियार आदि का शिकार होकर पहुंचने वाले मरीजों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। रोजाना इलाज के लिए दो दर्जन से अधिक मरीज पहुंचते है। इनमें से जिन्हें गंभीर जख्म रहता है उन्हें सीरम इंजेक्ट कराने की सलाह दी जाती है। सीरम उपलब्ध नहीं रहने के कारण अधिकांश मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। अन्य को निजी दुकानों से सीरम खरीदना पड़ रहा है। सीरम के लिए डीएमसीएच के पीएसएम विभाग को कई जिलों का सेंटर बनाया गया है।

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केवल दरभंगा ही नहीं बल्कि मधुबनी, सीतामढ़ी आदि जिलों से भी सीरम के लिए मरीजों को डीएमसीएच रेफर किया जाता है। यहां पहुंचने पर जब उन्हें पता चलता है कि दो महीने से सीरम उपलब्ध नहीं है तो वे स्तब्ध रह जाते हैं। पीएसएम विभाग में गत एक सितंबर से एंटी रेबीज सीरम उपलब्ध नहीं है। बताया जाता है कि पिछले दो महीने के दौरान इलाज को पहुंचने वाले लोगों में से करीब 55 प्रतिशत से निजी दुकानों से सीरम खरीदकर इलाज कराया। वहीं 45 प्रतिशत लोगों को सीरम आने का इंतजार है। इनमें अन्दामा अम्बर कुमार, दरभंगा के अंकुश राज व मो. गुलनाज, रानीपुर के कौशल कुमार, साहिल आदि दर्जनों मरीज शामिल है। सीरम उपलब्ध नहीं रहने के कारण उनका इलाज अधूरा रह गया है। गीदड़ का शिकार होकर इलाज को पहुंची भुल्ली देवी के परिजनों ने बताया कि उन्हें बहेड़ी पीएचसी से रेफर किया गया था। यहां आने पर पता चला कि सीरम उपलब्ध नहीं है। बाजार से आठ सौ रुपए में खरीदना पड़ा।