DA Image
23 सितम्बर, 2020|2:39|IST

अगली स्टोरी

पंचायतों को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग, धरना-प्रदर्शन

पंचायतों को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग, धरना-प्रदर्शन

बाढ़ राहत के सवाल पर सोमवार को भाकपा (माले), अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा और मनरेगा मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी जाले प्रखंड की सभी 26 पंचायतों को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व भाकपा (माले) के प्रखंड सचिव ललन पासवान, देवेन्द्र कुमार, खेग्रामस के शुशील मिश्रा और शहजाद तमन्ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर हुई सभा को मजदूर नेता रूपेश मंडल, उदय यादव, मो. मिथुन, समशे आलम, राजू यादव, मिथलेश कुमार राय, राजू पासवान आदि ने संबोधित किया।

बाढ़ में ध्वस्त हुए मकान के मुआवजा की मांग

इधर, सिंहवाड़ा में बाढ़ राहत में मनमानी का आरोप लगाते हुए माले कार्यकर्ताओं ने प्रखंड मुख्यालय का घेराव किया। खेमस जिला कमेटी सदस्य रामबाबू साह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए प्रखंड मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। परमेश्वर महतो की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने राहत वितरण में मनमानी करने का आरोप स्थानीय विधायक पर लगाया। वक्ताओं ने कहा कि आधा से अधिक गरीब बाढ़ पीड़ित राहत से वंचित रह गए। बाढ़ में ध्वस्त हुए मकान के मुआवजा की मांग कार्यकर्ता कर रहे थे। सभा को प्रखंड सचिव सुरेंद्र पासवान, देवेंद्र चौधरी, मदन शर्मा आदि ने संबोधित किया।

बाढ़ में बाधित हो जाती है बिजली आपूर्ति

उधर, हनुमाननगर में 13 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने प्रखंड मुख्यालय पर शियसरण पासवान के नेतृत्व मे धरना-प्रदर्शन किया। माले नेता पप्पू पासवान ने कहा कि हर साल बाढ़ में प्रखंड क्षेत्र के नौ पंचायतों की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे निबटने के लिए पोअरिया पावर हाउस को कम से कम पांच फीट और ऊंचा करना होगा।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Demand for declaring Panchayats as flood-hit protests