भारत-चीन युद्ध में राज परिवार ने दिया था 600 किलो सोना
दरभंगा राज परिवार ने भारत-चीन युद्ध के दौरान देश की मदद की, 600 किलो सोना और तीन विमान दान किए। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया, बीएचयू के लिए 50 लाख रुपए दान किए और संस्कृत विवि की स्थापना की। दरभंगा में दो विश्वविद्यालय एक ही परिसर में हैं, जो राज परिवार द्वारा स्थापित किए गए हैं।
दरभंगा। देश के विकास में दरभंगा राज परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दरभंगा राज परिवार को करीब से जानने वाले बताते हैं कि भारत-चीन युद्ध के दौरान 1962 में जब देश संकट में था तब दरभंगा राज सबसे पहले मदद के लिए सामने आया। दरभंगा के इंद्र भवन मैदान में 15 मन यानी करीब 600 किलो सोना तौलकर देश को दान दिया गया, ताकि युद्ध लड़ने में मदद मिल सके। उस दौरान दरभंगा राज परिवार ने अपने तीन विमान भी देश को सौंप दिए। साथ ही 90 एकड़ में फैला निजी एयरपोर्ट भी सरकार को दान कर दिया। आज इसी भूमि पर दरभंगा एयरपोर्ट संचालित है।
संतोष चौधरी बताते हैं कि दरभंगा राज ने आजादी की लड़ाई और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया। दरभंगा राज परिवार ने उन दिनों बीएचयू के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए दान दिए थे। प्राच्य विद्या के संरक्षण और संवर्धन के लिए अपना आवासीय परिसर दान कर संस्कृत विवि की स्थापना कराई। देश में दरभंगा ही ऐसी जगह है जहां एक ही परिसर में दो-दो विश्वविद्यालय हैं। यह परिसर दरभंगा राज परिवार का ही था। इसके अलावा दरभंगा राज परिवार ने देश के महान वैज्ञानिक डॉ. सीवी रमण को शोध के लिए बहुमूल्य हीरा दिया था।
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