दरभंगा नृत्य उत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
दरभंगा नृत्य उत्सव में सृष्टि संस्थान का सांस्कृतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान है। कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय ने उद्घाटन समारोह में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं और कला के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। अगले सप्ताह संस्कृत विवि में 10 से 12 दर्जन बच्चों द्वारा शास्त्रीय और लोक नृत्य की प्रस्तुति होगी।

दरभंगा। सांस्कृतिक गतिविधियों को सहेजने व संवर्धन में सृष्टि संस्थान का अहम योगदान है। यह बात सृष्टि फाउंडेशन, रामबाग में दरभंगा नृत्य उत्सव की ओडिसी नृत्य कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय ने कही। इससे पहले कुलपति के आलावा ओडिशा से आए ओडिसी नृत्य गुरु संचिकांत प्रधान और कलाप्रेमी दिलीप जजोंदिया व संस्थापक गुरु जयप्रकाश पाठक ने कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया। गुरु सचिकांत प्रधान ने कहा कि अगले सप्ताह संस्कृत विवि परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 10 से 12 दर्जन बच्चों द्वारा शास्त्रीय नृत्य और लोक नृत्य की भव्यवतम प्रस्तुति होगी।
अतिथियों ने सृष्टि फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए दरभंगा में कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए ऐसे आयोजनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कुलपति प्रो. पांडेय ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में कला और संस्कृति के प्रति जागरूकता एवं रुचि को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री जाजोदिया ने दरभंगा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया और इस दिशा में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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