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29 जनवरी, 2020|1:12|IST

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पाठ्यक्रमों के प्रकाशन को बनी कमेटी

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कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. सर्व नारायण झा की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित प्रकाशन समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए। मूल रूप से बैठक में विचार के लिए छह प्रस्ताव लाये गए थे।

पीआरओ निशिकांत ने बताया कि सबसे पहले 26 मार्च को सम्पन्न प्रकाशन समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों को सम्पुष्ट किया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लिया कि वर्ष 2020-21 के लिए विश्वविद्यालय पंचांग के निर्माण, सम्पादन एवं प्रकाशन की प्रक्रिया अभी से शुरू कर दी जाय। वहीं, प्रो. विद्येश्वर झा, प्रो. रामचन्द्र झा, प्रो. बौआनन्द झा एवं प्रो. ऋषिकेष झा द्वारा गरुड़ पुराण यानी प्रेतकल्प के प्रकाशन को लेकर दिए गए आवेदन पर निर्णय हुआ कि प्राप्त पांडुलिपि के आलोक में सबसे पहले कॉपीराईट के अधिकार की जानकारी प्राप्त कर ली जाय और उसी के अनुरूप प्रस्ताव अगली बैठक में रखा जाय।

इसी क्रम में उपशास्त्री, शास्त्री एवं आचार्य की नियमावली एवं पाठ्यक्रमों के प्रकाशन पर सर्वसम्मति रही। साथ ही इस कार्यों के सुचारू पर्यवेक्षण के लिए त्रिसदस्यीय कमेटी गठित कर दी गयी जिसमें प्रो. सुरेश्वर झा, डॉ. विश्वनाथ एमवी तथा डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री शामिल किए गए हैं। साथ ही गोकुल नाथ उपाध्याय कृत प्रबोध कादम्बरी के प्रकाशन पर विचार के क्रम में इसकी मूल हस्त लिखित प्रति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कुलपति के अलावा प्रतिकुलपति प्रो. चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह, प्रो. रामचन्द्र झा, प्रो. शिवाकांत झा, प्रो. श्रीपति त्रिपाठी, प्रो. हरेंद्र किशोर झा, एफए मन्तोष मालाकार, एफओ रतन कुमार, कुलसचिव नवीन कुमार, वरुण कुमार झा, राकेश कुमार झा मुख्य रूप से मौजूद थे।

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  • Web Title:Committee made for publication of courses