परंपरागत पत्रकारिता के समक्ष कई चुनौतियां

Jan 19, 2026 07:30 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, दरभंगा
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दरभंगा में आयोजित सेमिनार में वरिष्ठ पत्रकार प्रो. हरिनारायण सिंह ने कहा कि डिजिटल मीडिया ने परम्परागत पत्रकारिता की विश्वसनीयता और आर्थिक स्थिरता पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है। सोशल मीडिया की तीव्रता ने समाचार चक्र को प्रभावित किया है, जिससे पत्रकारिता की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।

परंपरागत पत्रकारिता के समक्ष कई चुनौतियां

दरभंगा। वरिष्ठ पत्रकार प्रो. हरिनारायण सिंह ने कहा कि जहां डिजिटल मीडिया ने सूचना के प्रसार को लोकतांत्रिक बनाया है, वहीं दूसरी ओर इसने परम्परागत पत्रकारिता की विश्वसनीयता, प्रासंगिकता और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। परंपरागत पत्रकारिता के समक्ष कई चुनौतियां हैं। वे सोमवार को दोनार में वरिष्ठ पत्रकार स्व. रामगोविन्द प्रसाद गुप्ता की 30वीं पुण्यतिथि पर आयोजित ‘डिजिटल युग में परम्परागत पत्रकारिता की विश्वसनीयता’ विषयक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के तीव्र विकास ने समाज के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है और पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं रही।

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डिजिटल मीडिया ने जहां सूचना के प्रसार को लोकतांत्रिक बनाया है, वहीं दूसरी ओर इसने परम्परागत पत्रकारिता की विश्वसनीयता, प्रासंगिकता और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। मुख्य अतिथि दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्राचार्य सह सम्प्रति राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शेखपुरा के प्राचार्य डॉ. सन्दीप तिवारी ने कहा कि सोशल मीडिया ने समाचार चक्र को अत्यधिक तीव्र कर दिया है। अब सोशल मीडिया पर समाचार सेकंडों में विश्वभर में फैल जाता है। इस तीव्रता ने परम्परागत पत्रकारिता पर दबाव डाला है कि वे भी तुरंत समाचार प्रदान करें। इस जल्दबाजी में तथ्यों की जांच और गहन विश्लेषण की प्रक्रिया अक्सर प्रभावित होती है, जिससे पत्रकारिता की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। विषय प्रवेश करते हुए रविभूषण चतुर्वेदी ने कहा कि परम्परागत पत्रकारिता में बदलाव होना ही था, पर ये बदलाव सकारत्मक है या नकारात्मक है ये नई पीढ़ी को समझना होगा। आज के पाठक छोटी, आकर्षक और दृश्यात्मक सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। लंबे, गहन विश्लेषणात्मक लेखों की मांग कम हो रही है। यह बदलता व्यवहार परम्परागत पत्रकारिता के लिए चुनौती है। वरिष्ठ पत्रकार गंगेश मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता कभी वृद्ध नहीं होती। वो बदलती रहती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए परम्परागत पत्रकारिता को अपनी विश्वसनीयता को और मजबूत करना होगा। सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर सूचनाएं बिना किसी सम्पादकीय निगरानी के प्रसारित होती हैं। यहां झूठी खबरें, अफवाहें और गलत सूचनाएं तेजी से फैलती हैं। स्व. गुप्ता के तैल चित्र पर अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संचालन डॉ. एडीएन सिंह ने किया। अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप कुमार गुप्ता व धन्यवाद ज्ञापन पत्रकार प्रमोद गुप्ता ने किया।

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