पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई
लहेरियासराय में विशेष न्यायाधीश ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में मनटुन चौपाल को 20 साल की कैद और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पीड़िता के माता-पिता को उसकी गर्भवती होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए।

लहेरियासराय। पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार ने शनिवार को एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप में मनटुन चौपाल को 20 वर्षों की कैद व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार ने बहस की। श्री कुमार के अनुसार वर्ष 2018 में पीड़िता घास काटने गई थी। वहां अभियुक्त ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। फिर एक माह बाद वह घास लाने गई तो अभियुक्त ने उसके साथ पुनः दुष्कर्म किया एवं धमकी दी कि यदि किसी को बताओगी तो जान से मार देंगे। घटना के छह माह बाद पीड़िता के माता-पिता को पता चला कि वह गर्भवती है।
पूछने पर उसने सारी बातें घर वालों को बताई। इसके बाद रैयाम थाने में 26 सितंबर 2018 को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने 16 दिसंबर 2018 को अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया। 12 फरवरी 2019 को न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध धारा 376 (2)/34 एवं 4/6 पॉक्सो एक्ट के तहत संज्ञान लिया। आठ मई 2019 को न्यायालय में अभियुक्त के विरुद्ध धारा 376 (डी), 376 (2) और 6 पॉक्सो एक्ट में आरोप गठन किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से पांच गवाहों ने गवाही दी। अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में 20 वर्षों का सश्रम कारावास और 10 हजार अर्थदंड, धारा 376 (2) में 10 वर्षों का कारावास और 10 हजार रुपये तथा धारा 8 पॉक्सो एक्ट में सात वर्षों की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त की सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।
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