
दरभंगा रेप एंड मर्डर केस: उपद्रव के बाद 6 युवक अरेस्ट, 50 पर केस;SSP को बर्खास्त करने की मांग
इस मामले में कादिराबाद, बाघ मोड़ व बेला दुर्गा मंदिर के पास बवाल करने वाले 43 नामजद व 40 से 50 अज्ञात उपद्रवियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष सुधीर कुमार के बयान पर सरकारी काम में बाधा डालने, सड़क जाम, आगजनी व तोड़फोड़ करने के आरोप में विश्वविद्यालय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
बिहार के दरभंगा जिले के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में गत शनिवार की रात छह वर्षीया बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या होने के बाद रविवार को किये गए बवाल मामले में पुलिस ने छह युवकों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान श्रवण साह, विकास सहनी, उमेश राम, राहुल सहनी, परशुराम सहनी एवं नंदलाल सहनी के रूप में की गयी है। सभी आरोपित आसपास के मोहल्ले के ही रहने वाले हैं। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त विकास महतो को सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले में कादिराबाद, बाघ मोड़ व बेला दुर्गा मंदिर के पास बवाल करने वाले 43 नामजद व 40 से 50 अज्ञात उपद्रवियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष सुधीर कुमार के बयान पर सरकारी काम में बाधा डालने, सड़क जाम, आगजनी व तोड़फोड़ करने के आरोप में विश्वविद्यालय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। प्राथमिकी में सुंदरपुर सहनी टोला, नौआगढ़ी, कादिराबाद, बेला शंकर, सुंदरपुर आदि मोहल्लों के युवकों को आरोपित किया गया है। थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि उपद्रव करने वालों की वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान की जा रहा है।
सभी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के बाद रविवार को शहर में हुए बवाल के बाद सोमवार को माहौल पूरी तरह शांत दिखा। रविवार की शाम बच्ची के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहर में उत्पात मचाने वालों पर पुलिस कठोर कार्रवाई करने में जुट गई थी। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए दरभंगा के विभिन्न थानों की पुलिस के अलावा मधुबनी जिले से भी पुलिस अधिकारियों व जवानों को बुला लिया गया था। सोमवार को भी पुलिस की पैनी नजर पूरे क्षेत्र पर बनी हुई थी।
लहेरियासराय में विरोध प्रदर्शन
इधर लहेरियासराय टावर पर सोमवार को मिथिला स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले जिलाध्यक्ष नीरज क्रांतिकारी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। वे दोषी को फांसी की सजा दिलाने तथा एसएसपी की बर्खास्तगी की मांग कर रहे थे। विवि अध्यक्ष अनीश चौधरी ने कहा कि यह लड़ाई केवल पीड़ित परिवार की नहीं, पूरे समाज के सम्मान और सुरक्षा की है। यदि दोषी को शीघ्र फांसी की सजा नहीं मिली और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र-युवा सड़क से सदन तक आंदोलन को और तेज करेंगे।
गौतम चौधरी ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन जब वही अधिकारी न्याय के इकबाल को कमजोर करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक हो जाती है। गोपाल राणा ने कहा कि समाज में बढ़ते अपराध के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई की जरूरत है। जुगनू मंडल ने कहा कि अगर हमारी आवाज को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। जिलाध्यक्ष नीरज क्रांतिकारी ने कहा कि मिथिला स्टूडेंट यूनियन पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता आदित्य मंडल, विवि अध्यक्ष अनीश चौधरी, गौतम कुमार, जुगनू मंडल, चंदन यादव, शिवम झा, शिवम ठाकुर, शुभम ठाकुर, रजनीश यादव, संदीप सिंह, सूरज ठाकुर, अनीश कर्ण, सोनू कुमार, गोपाल भगत, संदीप सिंह आदि भी मौजूद थे।
स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषी को मिले सजा
विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में छह वर्षीया बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष दयानंद पासवान के नेतृत्व में मृतका के घर पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में जिला मीडिया प्रभारी मो. असलम, दिनेश गंगनानी, डॉ. जमाल हसन आदि थे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दोषी को स्पीडी ट्रायल चलाकर सख्त से सख्त सजा देने की मांग के साथ मृतका के परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद करने वाली डबल इंजन सरकार के राज में गोद में खेलने वाली बच्ची भी सुरक्षित नहीं है।





