बिहार : आपके गांव में एयरटेल-जियो का मोबाइल नेटवर्क कैसा है, डाक सेवक सर्वें करेंगे

हिन्दुस्तान, कार्यालय संवाददाता, पटना
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बिहार के गांवों में मोबाइल नेटवर्क का सर्वे अब डाक सेवक करेंगे। सर्वे से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क को बेहतर करने की सबसे अधिक जरूरत है। इसके लिए दूरसंचार विभाग और डाक विभाग के बीच समझौता हुआ है। 

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बिहार के गांवों में नेटवर्क की स्थिति का सर्वे किया जाएगा। (सांकेतिक तस्वीर)

आपके गांव में मोबाइल का नेटवर्क और इंटरनेट की स्पीड कैसी है? बिहार में इसका पता अब डाक सेवक गांव-गांव जाकर लगाएंगे। दरअसल बिहार के ग्रामीण इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की वास्तविक स्थिति जानने के लिए डाक विभाग और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की ओर से सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके तहत राज्य के आठ हजार से अधिक ग्रामीण शाखा डाकघरों में तैनात करीब 15 हजार ग्रामीण डाक सेवक गांवों में मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता का सर्वेक्षण करेंगे। यह सर्वेक्षण वे अपने दैनिक डाक वितरण कार्य के दौरान ही करेंगे। सर्वेक्षण का उद्देश्य बिहार के दूर-दराज के गांवों में एयरटेल, जियो, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल की नेटवर्क सेवाओं की स्थिति का पता लगाना है।

इसके तहत नेटवर्क के ब्लैक स्पॉट, इंटरनेट की गति, कॉल की गुणवत्ता और कॉल ड्रॉप जैसी समस्याओं की जानकारी जुटाई जाएगी। सर्वे से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क को बेहतर करने की सबसे अधिक जरूरत है। इसके लिए दूरसंचार विभाग और डाक विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जिसके बाद अब डाक सेवक गांव में मोबाइल नेटवर्क का पता लगाएंगे।

नियमित कार्य के दौरान ही नेटवर्क का सर्वे करेंगे

देशभर में डाक विभाग के 1.40 लाख से अधिक ग्रामीण शाखा डाकघरों की पहुंच का लाभ उठाते हुए ग्रामीण डाक सेवकों को इस काम में लगाया जाएगा। खास बात यह भी है कि डाक सेवक अपने नियमित डाक वितरण कार्य के दौरान ही नेटवर्क का सर्वे करेंगे। इससे अलग से सर्वे टीम भेजने की जरूरत नहीं होगी और डाक विभाग का नियमित कामकाज भी प्रभावित नहीं होगा।

मोबाइल ऐप से होगा सर्वे, डाक सेवकों को मिलेगी ट्रेनिंग

सर्वेक्षण के लिए ट्राई ने विशेष एंड्रॉयड मोबाइल ऐप विकसित किया है। ग्रामीण डाक सेवक ‘ट्राई माई स्पीड’ ऐप के माध्यम से नेटवर्क से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे। यह ऐप केवल डाक सेवक के अपने सिम के नेटवर्क तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जीपीएस लोकेशन के साथ आसपास उपलब्ध सभी नेटवर्क की सिग्नल स्ट्रेंथ, कॉल क्वालिटी और डेटा स्पीड को रिकॉर्ड करेगा। ऐप के माध्यम से किसी भी स्थान पर नेटवर्क के प्रदर्शन की जांच की जा सकेगी।

इसमें डाउनलोड स्पीड, अपलोड स्पीड, लेटेंसी (विलंब) और पैकेट लॉस समेत अन्य तकनीकी आंकड़े दर्ज होंगे। इस तरह एक ही डिवाइस की मदद से गांव में उपलब्ध विभिन्न कंपनियों के नेटवर्क प्रदर्शन का डेटा जुटाया जाएगा। सर्वेक्षण शुरू करने से पहले ग्रामीण डाक सेवकों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद मोबाइल ऐप से सर्वे होगा।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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